नईदिल्ली: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत सभी राज्यों को निर्देश जारी किया है। निर्देश क्लास 1 में एडमिशन की उम्र सीमा को लेकर जारी किया गया हैं। राज्य सरकारों के साथ सभी केंद्र शासित प्रदेशों को भी ये निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देश में क्लास 1 में दाखिले के लिए एनईपी के अनुसार न्यूनतम उम्र सीमा अपनाने को कहा गया है।
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में शिक्षा मंत्रालय (एमओई) के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने 2020 में एनईपी लॉन्च होने के बाद से कई बार जारी किए गए अपने निर्देशों को दोहराया है। कक्षा 1 में दाखिले के लिए बच्चे की उम्र कम से कम 6 वर्ष होनी चाहिए। इसी तरह का एक नोटिस पिछले साल भी जारी किया गया था।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से 15 फरवरी 2023 को जारी पत्र में कहा गया है कि नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए जल्द ही एमडिशन प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उम्मीद है कि राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में अब ग्रेड- I में प्रवेश के लिए आयु 6+ कर दी गई है।
मार्च 2022 में केंद्र ने लोकसभा को सूचित किया कि 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जैसे असम, गुजरात, पुडुचेरी, तेलंगाना, लद्दाख, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गोवा, झारखंड, कर्नाटक और केरल में उन बच्चों के लिए 1 प्रवेश की अनुमति है, जिन्होंने छह वर्ष पूरे नहीं किए हैं।
पूर्व में केंद्र ने कहा था कि एनईपी शर्त के साथ न्यूनतम आयु को संरेखित नहीं करने से विभिन्न राज्यों में शुद्ध नामांकन अनुपात की माप प्रभावित होती है। एनईपी 2020 की 5+3+3+4 स्कूल प्रणाली के अनुसार, पहले पांच वर्षों में तीन से छह वर्ष के आयु समूह के अनुरूप प्रीस्कूल के तीन वर्ष और छह से आठ वर्ष के आयु समूह के अनुरूप कक्षा 1 और 2 के दो वर्ष शामिल हैं।
केंद्र ने जारी निर्देश में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कक्षा 1 में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 6 वर्ष अपनाने को कहा है।

More Stories
किसानों को गेहूँ विक्रय के लिये 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग की सुविधा : मंत्री राजपूत
CrPI सिस्टम/MCU के प्रभावी संचालन हेतु राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
भाजपा के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार निर्विरोध चुने गए राज्यसभा के उपसभापति, पीएम मोदी ने दी बधाई