उज्जैन: संभागायुक्त संदीप यादव ने उज्जैन संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वृहद एवं मध्यम परियोजना वाले बांधों के डाउनस्ट्रीम पर संभावित क्षेत्र में पानी के फैलाव को अभी से चिन्हित करें। अत्यधिक बारिश एवं बाढ़ से संभावित जनहानि को रोकने के लिये हरसंभव प्रयास किये जायें। संभागायुक्त ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर्स एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी आपस में रेगुलर कम्युनिकेशन बनाकर रखें। विशेष तौर पर देवास जिले के अधिकारी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से सतत सम्पर्क रखें।
संभागायुक्त यादव ने कहा कि बड़े डेमों से बाढ़ के दौरान सर्वाधिक नुकसान होने की संभावना रहती है, इसलिये बाढ़ से चिन्हित ग्रामों में मूलभूत जरूरतों की सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिये अभी से प्रयास किये जायें। उन्होंने बाढ़ कंट्रोल रूम को चौबीस घंटे एक्टिव करने के निर्देश दिये और कहा कि कंट्रोल रूम में जानकार अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाये। कंट्रोल रूम में सभी सम्बन्धित लोगों के मोबाइल नम्बर अद्यतन रहें।
बताया गया कि देवास जिले में बरगी डेम के गेट खुलने के चौबीस घंटे में एवं तवा डेम का पानी सोलह घंटे में नेमावर व अन्य स्थान पर पहुंचता है। संभागायुक्त ने कहा कि धाराजी का घाट जो वर्तमान में खोला गया है, वहां सतत निगरानी की आवश्यकता है। चौबीस घंटे घाट में होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाये।
संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि डेम के आसपास संकेतक बोर्ड लगाये जायें। साथ ही बाढ़ के दौरान लाउड स्पीकर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। संभागायुक्त ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों को पूर्व में ही चिन्हित कर लिया गया है। बाढ़ के दौरान इन गांवों के लोगों के लिये सुरक्षित सेफ हाउस, राशन दुकानें, पेयजल एवं मूलभूत जरूरत की चीजें मुहैया कराई जायें। इसके लिये अभी से आवश्यक चीजों की लिस्टिंग कर ली जाये। बताया गया कि आगर-मालवा में कुंडालिया डेम की ऊंचाई के कारण सोयतकला का पूरा क्षेत्र प्रभावित होता है।
संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि बाढ़ के दौरान पानी का फ्लो यदि तेज गति से आता है तो ट्रैफिक डायवर्ट करें। किसी भी स्थिति में पुल एवं पुलियाओं से किसी भी प्रकार का यातायात न हो। पुल-पुलियाओं में चेतावनी के बोर्ड लगायें। सुरक्षा की व्यवस्था के लिये होमगार्ड की तैनाती करें। आवश्यकता पड़ने पर बेरिकेट्स लगायें।
यादव ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सात दिवस में संभावित बाढ़ से बचाव के लिये क्या तैयारियां सुनिश्चित कर रहे हैं, उसकी कार्यवाही से उन्हें अवगत करवायें।
यादव ने कहा कि सभी जिले जल संसाधन विभाग से इस आशय का प्रमाण-पत्र अवश्य लें कि डेम सुदृढ़ीकृत है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जो छोटे-छोटे बांध है, उनको मेंटेन करने का काम जिला प्रशासन का है। इन बांधों में साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाये। इन बांधों के आसपास निवासरत लोगों के लिये भोजन, सेफ हाउस, मेडिकल सुविधा, पेयजल, अस्थाई शिविर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाये।
संभागायुक्त यादव ने साफ शब्दों में सभी को चेतावनी दी कि कमान एण्ड कंट्रोल रूम अतिवर्षा एवं बाढ़ की सूचना समय पर दे। इसके लिये मॉकड्रील भी किया जाये। उन्होंने कहा कि बांध के किनारों के गांव में लोगों को जागरूक किया जाये।
संभागायुक्त यादव ने कहा कि भारी वर्षा से पूर्व जीर्ण-शीर्ण आवासीय मकानों को चिन्हित करके हटाया जाये। वर्षों पुराने पुल, जो बारिश में टूट जाते हैं, ऐसे पुलों पर आवागमन प्रतिबंधित करें। बताया गया कि उज्जैन संभाग में 228 पुल-पुलिया चिन्हित हैं, जिनमें 148 लोक निर्माण विभाग के, 19 एमपीआरडीसी के और 75 ब्रिज कॉर्पोरशन के हैं। यादव ने निर्देश दिये कि सभी पुल पुलियाओं का वेरिफिकेशन करके इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को दी जाये। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने बारिश एवं बाढ़ के दौरान की जाने वाली कार्यवाही की रिपोर्ट तैयार की है। सभी उस रिपोर्ट का अध्ययन करके उसी के अनुसार कार्य करना सुनिश्चित करें।
पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि राजस्व विभाग की तरह पुलिस विभाग ने भी बाढ़ से बचाव का सर्कुलेशन जारी किया है। उसका अक्षरश: पालन पुलिस विभाग करे। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान पुल एवं पुलियाओं के ऊपर से पानी बहता है। ऐसी स्थिति में बस, चारपहिया वाहन एवं दोपहिया वाहन तथा पैदल यात्री किसी भी स्थिति में पुल-पुलिया पार न करें। इसके लिये इन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान शाजापुर कलेक्टर किशोर कान्याल, रतलाम कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी, मंदसौर कलेक्टर दिलीप कुमार सिंह, नीमच कलेक्टर दिनेश जैन, देवास कलेक्टर ऋषव गुप्ता, आगर-मालवा कलेक्टर कैलाश वानखेड़े, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अपर कलेक्टर मृणाल मीना सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, जल संसाधन विभाग के अधिकारीगण, लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी, सेतु निगम के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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