उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मंगलवार रात बड़ा हादसा हो गया। यहां वजीर हसन रोड पर बनी एक 5 मंजिला इमारत गिर गई। इमारत में 14-15 परिवार रहते थे। पिछले 12 घंटे से ज्यादा समय से अब तक रेसक्यू ऑपरेशनजारी है। अब तक 15 लोगों को निकाला जा चुका है। जबकि 3 लोग मलबे में फंसे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मलबे में फंसे लोगों से लगातार बातचीत जारी है। उन्हें ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है।
उधर, बिल्डिंग के मालिक सपा के किठौर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंसूर के बेटे नवाजिश मंसूर को हिरासत में ले लिया गया।
मंगलवार दोपहर को आए भूकंप के कुछ घंटों बाद ही ये बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। इसके बाद आनन फानन में पुलिस, प्रशसान की टीमें मोके पर पहुंचीं। NDRF, SDRF की टीम के साथ सेना की एक टीम भी रेस्क्यू में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं। इससे पहले डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री AK शर्मा, सीएम योगी के सूचना सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद घटना स्थल पर पहुंचे।
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और नेता शाहिद मंजूर का परिवार भी इसी बिल्डिंग में रहता था। जब इमारत गिरी तो सपा नेता अब्बास हैदर के पिता और कांग्रेस नेता अमीर हैदर और उनकी पत्नी भी बिल्डिंग में मौजूद थे। अभी काग्रेस के पूर्व प्रवक्ता नेता जीशान हैदर की मां और बहू के मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस मामले में पुलिस ने शाहिद मंसूर के बेटे नवाजिश मंसूर को मेरठ से हिरासत में लिया है, उन्हें लखनऊ लाया जा रहा है।
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं और फंसे हुए लोगो को निकालने की कोशिश की जा रही हैं।

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