April 19, 2026

News Prawah

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दीपावली के दूसरे दिन इस गांव में गायों के पैर से खुद को कुचलवाते हैं लोग

उज्जैन: भारत देश मे कई प्राचीन परम्पराए आज भी चल रही है। कई प्राचीन परम्पराओ का निर्वाह आज भी किया जा रहा हैं कुछ ऐसी परम्पराए भी हैं जिसे सुनकर डर लगने लगता है रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मप्र के उज्जैन के भीड़ावद गांव में भी एक ऐसी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है,जिसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। चार हज़ार की आबादी वाले इस गांव में दीपावली के दूसरे दिन दर्जनों लोग मन्नत लेकर आते हैं और जमीन पर लेट जाते हैं फिर उनके ऊपर गाय छोड़ दी जाती हैं। दर्जनों गाय जमीन पर लेटे लोगों के ऊपर से गुजर जाती हैं। इस मंज़र को देखने के लिए हर साल इस गांव में हजारो लोग जमा होते हैं। गांव में ये परंपरा कब शुरू हुई किसी को याद नहीं लेकिन यहां के बुजुर्ग हों या जवान सभी इसे देखते हुए बड़े हुए। इस गांव और आसपास के इलाकों के वो लोग यहां आते हैं जिन्हें मन्नत मांगनी होती है या जिनकी मन्नत पूरी हो जाती है। वो दीपावली के पांच दिन पहले ग्यारस के दिन अपना घर छोड़ देते हैं और यहां माता भवानी के मंदिर में आकर रहने लगते हैं। दिवाली के अगले दिन फिर यहां मेला लगता है। जिनकी मन्नत पूरी हो जाती है वो गायों के सामने जमीन पर लेट जाते हैं।
इस साल भी गांव के सात लोगों ने मन्नत मांगी थी।

लोग ढोल ताशों नगाड़ो के साथ आते हैं और गायों को सजाधजा कर लेटे हुए लोगो के ऊपर से गुजारा जाता हैं। आज भी यह परंपरा सतत चली आ रही हैं। अब इसे आस्था कहे या अंधविश्वास गायों के ऊपर से गुजरने के बाद भी किसी भी व्यक्ति को कोई चोट नही लगती हैं। लोगो का मानना है कि गायों के शरीर से गुजरने से हर प्रकार की बीमारी भी दूर हो जाती हैं। और लोग हँसी खुशी गायों के सामने जमीन पर लेट जाते हैं।

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