भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगाने के लिए सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग करने में रुकावट आ रही है। द इंडियन सार्स-कोवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्शियम की 38 लैब में से 5 लैब बंद हो गई हैं। इससे पिछले महीने की तुलना में इस महीने जीनोम सीक्वेंसिंग में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट आई।
बताया जा रहा है कि इन लैब के पास जीनोम सीक्वेंसिंग में काम आने वाले रीएजेंट की कमी हो गई है। यह समस्या पर्याप्त फंड न मिलने के कारण हो रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह का टेस्ट होता है। इस टेस्ट में किसी पॉजिटिव सैंपल में मौजूद कोरोना के सही वैरिएंट का पता लगता है।

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