उज्जैन। उज्जैन में बुधवार 5 जनवरी को बृहस्पति भवन में निजी अस्पतालों के संचालकों की बैठक लेकर चिकित्सकों को निर्देश दिये हैं कि कोरोना केसेस आने से हमें गंभीरता से अपने-अपने अस्पतालों की सम्पूर्ण तैयारियां रखें। 6 जनवरी से निजी अस्पतालों में फीवर क्लिनिक अनिवार्य रूप से चालू कर लिये जायें। कलेक्टर ने कहा है कि वे कभी भी किसी भी निजी अस्पताल में निरीक्षण के लिये पहुंचेंगे।
कलेक्टर आशीष सिंह ने निजी अस्पतालों के संचालकों को निर्देश दिये हैं कि वे अनिवार्य रूप से अपने-अपने अस्पताल में कम से कम 10 प्रतिशत बेड की व्यवस्था की जाना सुनिश्चित करें। कोविड की संभावित तीसरी लहर के परिदृश्य में निजी अस्पतालों के संचालक पूर्व में जारी दरें निर्धारित की गई थी, वही दरें लागू रहेगी। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि कोविड के रोगियों का उपचार प्रदाय किये जाने हेतु निजी चिकित्सालय के सामान्य, एचडीयू, आईसीयू तथा आईसीयू विथ वेंटिलेशन के लिये पूर्व की दरें ही निर्धारित रहेगी।
समस्त निजी अस्पताल के संचालक शासन की गाईड लाइन का अनिवार्य रूप से पालन करना भी सुनिश्चित करें। इस सम्बन्ध में शीघ्र ही आवश्यक दंप्रसं की धारा-144 के अन्तर्गत आदेश जारी किये जायेंगे। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि कोविड के मरीजों को दक्ष चिकित्सकों व स्टाफ के माध्यम से आवश्यक नैदानिक एवं उपचारात्मक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जाये। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ अंकिता धाकरे, एडीएम संतोष टैगोर, सीएमएचओ डॉ.संजय शर्मा सहित निजी अस्पतालों के संचालक, चिकित्सकगण उपस्थित थे।

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