DRDO : रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को देश में बनी एडवांस टावर आर्टिलरी गन सिस्टम यानि उन्नत तोपखाना प्रणाली होवित्जर तोप का ओडिशा के बालासोर फायरिंग रेंज में परीक्षण किया। यह तोप 48 किलोमीटर तक लक्ष्य साध सकती है। इस समय सेना को 1800 ऑर्टिलरी गन की जरूरत है। डीआरडीओ के अनुसार यह तोप इस जरूरत को पूरा कर सकती है। इसके बाद विदेश से तोपें मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार डीआरडीओ के एटीएजीएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर शैलेंद्र वी गढ़े ने कहा कि यह दुनिया की सबसे अच्छी तोप है। अभी तक कोई दूसरा देश ऐसी तोप विकसित करने में सक्षम नहीं है। डीआरडीओ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दुनिया की सबसे अच्छी तोप है। इससे भारतीय सेना को और ज्यादा ताकत मिली है। यह तोप भारतीय सेना की 1800 आर्टिलरी गन सिस्टम की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है। डीआरडीओ ने कहा है कि अब इस क्षेत्र में आयात की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि इस तोप को 3 साल के भीतर डिजाइन किया गया और परीक्षण के लिए रखा गया। जल्द ही, इसको पीएसक्यूआर परीक्षणों के अधीन किया जाएगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि तोपखाना प्रणाली क्षेत्र में भारत के पास सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
ये एडवांस टावर आर्टिलरी गन 48 किलोमीटर दूर तक बिल्कुल सटीक तरीके से टारगेट हिट करने में सक्षम है। वहीं यह तोप खुद से 25 किलोमीटर प्रति घंटा मूव कर सकती है। यह 52 कैलिबर राउंड्स लेती है। चीन से निपटने में ये तोप काफी कारगर साबित हो सकती है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत चीन से लगते बॉर्डर पर अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इन तोपों को तैनात कर सकता है।

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