विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर आज इतिहास रचने जा रहा है। बाबा महाकाल की श्रावण भादों मास की शाही सवारी की तैयारी हो रही है। इस बार कोरोना के चलते महाकाल बाबा की सवारी परिवर्तित मार्ग से निकाली जा रही है।
शाही सवारी भी परिवर्तित मार्ग से ही निकाली जाएगी। इसे यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयारियां की जा रही है। शाही सवारी मंदिर परिसर में स्थित साक्षी गोपाल मंदिर पर हरि हर का मिलन होगा।
सामान्य तौर पर गोपाल मंदिर होते हुए जाती है पर इस बार बाबा की सवारी गोपाल मंदिर नहीं जाएगी। लेकिन हरि हर की परंपरा को जीवित रखा जाएगा। हरि हर का मिलन साक्षी गोपाल के माध्यम से पूर्ण किया जाएगा। इसके चलते साक्षी गोपाल मंदिर और मंदिर परिसर को बहुत ही अनुपम रूप में सजाया गया है।
सवारी मार्गो को एक शादी के समारोह की तरह सजाया गया है मानो दुल्हन की सोलह सिंगार किए जा रहे हो। फूलों की सजावट के लिए विशेष रुप से बाहर से फुल मंगवाए गए हैं। शाही सवारी का रूप शाही और अनुपम दोनों होगा।
इस ऐतिहासिक पलके साक्षी स्वयं साक्षी गोपाल बनेंगे। इस दौरान विशेष आतिशबाजी भी की जाएगी। साथ ही अब तक चंद्रमौलेश्वर और मन महेश के ही दर्शन किए जा रहे थे लेकिन शाही सवारी के दिन भगवान के सातों स्वरूप के दर्शन होंगे।
कोरोनावायरस के चलते श्रद्धालुओं को इसमें सम्मिलित होने की अनुमति नहीं होगी। लेकिन सभी न्यूज प्रवाह के माध्यम से सवारी देख सकते हैं।

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