भारतीय सेना ने कहा है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात चीनी सेना के साथ हिंसक संघर्ष में शामिल कोई भी भारतीय सैनिक लापता नहीं है। सेना की ओर से गुरुवार शाम को यह बात कही गई। इस बीच मामले से संबंधित लोगों के अनुसार 3 दिनों की वार्ता के बाद चीनी सेना द्वारा 2 मेजर सहित 10 भारतीय सेना के जवानों को रिहा किया गया है।
वैसे आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई बात नहीं कही गई है। सेना ने कोई विवरण दिए बिना संक्षिप्त बयान में कहा था कि यह स्पष्ट किया जाता है कि कार्यवाही में कोई भारतीय सैनिक लापता नहीं है। गलवान घाटी के हिंसक संघर्ष में भारत के 20 जवानों को जान गंवानी पड़ी थी जबकि खबरों के अनुसार चीन के करीब 45 सैनिकों की मौत हुई है।
पिछली बार जुलाई 1962 में गलवान घाटी में संघर्ष के बाद चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों को बंदी बना लिया था। उस समय भीषण संघर्ष के बाद कम से कम 30 भारतीय सैनिक मारे गए और कई दर्जनों को चीनी सेना द्वारा पकड़ लिया गया था। बताया जा रहा है कि चीनी सेना द्वारा सोमवार को कुल 76 सेना के जवानों के साथ बर्बरतापूर्वक हमला किया गया, जिसमें से 18 गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि 58 घायल को मामूली रूप से चोटें आईं। उन्होंने कहा कि लेह के एक अस्पताल में 18 कर्मियों का इलाज चल रहा है जबकि 58 अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।

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