माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति, लेखक एवं वरिष्ठ मीडिया पर्सन प्रो संजय द्विवेदी ने नये दौर में डिजीटल मीडिया विषय पर वेबिनार में बतौर वक्ता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम जिस युग में जी रहे हैं वो डिजिटल डेमोक्रेसी का युग है। सूचना की समग्रता के बीच संवाद को नया स्वरूप मिला है। उसका रूप ही डिजिटल मीडिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीवन में सूचनाओं का प्रभाव बढ़ा है तो हम सब थोड़े भ्रमित भी है कि आखिरकार सत्य और असत्य में फर्क कैसे समझा जाये।
जीवन के अकेलेपन की शून्यता को डिजीटल मीडिया कम किया है फिर भी हम अकेले हैं। हमें समाज के साथ और मजबूती से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि सिटीजन और नेटीजन के बीच फर्क समझने की जरूरत है। हम संदर्भ के लिये गूगल गुरू की मदद ले रहे हैं। इसकी भी जांच परख होनी चाहिये। डिजिटल मीडिया ने सबको अपने विचारों को मजबूती रखने और सवाल उठाने का अधिकार दिया है।
हमेशा हमारे सवाल समाज के हित में होने चाहिये। डीजिटल मीडिया ने पारंपरिक मीडिया को साथ जो स्वरोजगार के नये अवसर दिये है। इससे एक नवीनता भी आई है। सभी मीडिया माध्यमों ने हमारी सोच और सूचनाओं को नया स्वर दिया है। हम सूचनाओं से स्वालंबन, समग्रता, संवाद और समाज को मजबूत कर रहे है। इस डिजिटल मीडिया से पूरे सृष्टि को नई दृष्टि दी है।

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