भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव अटल स्मारक पहुंचे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। अटल जी की दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य और पोती निहारिका ने भी स्मृति स्थल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पिछले हफ्ते कश्मीर से अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने के बाद मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में भी अटल जी को याद किया था। उन्होंने कहा था कि जो सपना सरदार पटेल, बाबा साहेब अंबेडकर, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ करोड़ों देशभक्तों का था, वह अब पूरा हो गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने। सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए। 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। 2014 के दिसंबर में अटलजी को भारत रत्न देने का ऐलान किया गया। मार्च 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ा और अटल जी को उनके घर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया।
राष्ट्रपति और मोदी ने सदैव अटल स्मारक पर वाजपेयी को दी श्रद्धांजलि

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