इंदौर की एक फैक्ट्री में शुक्रवार को भारतीय मानक ब्यूरो के एक वैज्ञानिक को आईएसआई मार्क के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसका खुलासा शनिवार को लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही से हुआ। लोकायुक्त पुलिस ने भोपाल स्थित भारतीय मानक ब्यूरो के आंचलिक कार्यालय में पदस्थ वैज्ञानिक अरुण कुमार शंखवार को आईएसआई मार्क बेचने के लिए 10 हजार की रिश्वत देते हुए पकड़ा।
शंखवार ने इंदौर के सांवेर रोड सेक्टर एफ में दवा फैक्टरी के मालिक से साफ-सफाई की दवाओं को मार्क देने के बदले में 50 हजार रुपये मांगे थे। शंखवार फैक्टरी के निरीक्षण के दौरान पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये ले रहे थे, तभी लोकायुक्त डीएसपी प्रताप सिंह बघेल और उनकी टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
जिस फैक्ट्री में वो पैसे लेने के लिए पहुंचे थे, वो सुनील अजमेरा की है। अजमेरा ने बताया कि उनकी फैक्टरी में स्वच्छता अभियान की दवाएं बनती हैं। अस्पतालों में यह दवा देने के लिए आईएसआई मार्क अनिवार्य है। इसी लाइसेंस के लिए सितंबर 2018 में आवेदन किया था। फरवरी में खानापूर्ति हो गई और दिल्ली से सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई, पर मई में इस रिपोर्ट को शंखवार ने हाथ से फेल लिखकर खारिज कर दिया। इसे लेकर जब भोपाल में शंखवार से मुलाकात की तो उन्होंने पास लिखने के लिए रिश्वत की मांग की।
आईएसआई मार्क देने वाला वैज्ञानिक इंदौर में घूस लेते पकड़ाया

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