सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन करने वाला त्रावणकोर देवासम बोर्ड अपने फैसले से पीछे हट गया है। उसने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 54 पुनर्विचार याचिकाओं समेत 64 अर्जियां लगाई गई हैं। बुधवार को इन पर चीफ जस्टिस की अगुआई वाली संविधान पीठ ने सुनवाई की।
याचिकाकर्ताओं में से एक नायर सर्विस सोसायटी के वकील के परासरन ने कोर्ट से कहा कि सबरीमाला की परंपरा को छुआछूत के बराबर नहीं रखा जा सकता है, यह सिर्फ एक धार्मिक रिवाज है। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। केरल सरकार ने फैसले पर पुनर्विचार का विरोध किया। उसके वकील जयदीप गुप्ता ने कोर्ट से कहा कि आपके सामने ऐसे तथ्य नहीं रखे गए हैं जो पुनर्विचार को न्यायसंगत साबित करें।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे : मंदिर बोर्ड से पीछे हटा

More Stories
पारिवारिक संस्कृति व प्रेम, शांति, सद्भावना रथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झण्डी
ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस स्टॉफ अर्जुन कारले एवं आउटसोर्स कर्मी शिवपाल निकुम पुरस्कृत
केदारनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल-रील्स पर रोक, मंदिर समिति ने बनाये कड़े नियम