केरल हाईकोर्ट में 4 महिलाओं ने याचिका दाखिल कर सबरीमाला मंदिर में दर्शन के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कोर्ट से राज्य सरकार को उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देने की भी मांग की है, जिनको धमकी मिली है। उन्होंने सबरीमाला में महिलाओं के दर्शन करने के लिए अलग दिन आरक्षित करने की भी मांग की है।
केरल सरकार ने हाईकोर्ट में सबरीमाला मंदिर के बाहर हुई हिंसा से सबंधित मामले में हलफनामा दायर किया। हलफनामे में कहा गया है कि सबरीमाला मंदिर में पुलिस को उकसाया नहीं गया था, सबरीमाला में जिन अपराधियों ने हंगामा मचाया केवल उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
10 से 50 वर्ष उम्र के बीच की महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शनों की अगुआई कर रहे अयप्पा धर्म सेना के अध्यक्ष राहुल ईश्वर ने सख्त रुख अख्तियार कर रखा है। उनका कहना है कि महिलाओं का मंदिर में प्रवेश रोकने के लिए भक्त सबरीमाला मंदिर को चारों ओर से घेरे रहेंगे। 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को किसी भी कीमत पर मंदिर में नहीं घुसने दिया जाएगा।
इससे पूर्व शुक्रवार शाम पांच बजे भारी संख्या में उपस्थित भक्तों के जयकारे के बीच मुख्य पुजारी कंडारारू राजीवारू की मौजूदगी में सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले। भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के फैसले के बाद यह तीसरा मौका है, जब मंदिर खुला।
सबरीमाला में दर्शन के लिए 4 महिलाओं ने मांगी पुलिस सुरक्षा

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