बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है। महाकालेश्वर मंदिर के शिखर के मध्य में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट परंपरा अनुसार रात्रि 12 बजे खोल दिए गए थे। भगवान नागचंद्रेश्वर के पूजन के बाद मंदिर में रात से ही श्रद्धालु दर्शन कर रहे हे। दर्शन का यह सिलसिला लगातार 24 घंटे तक चलता रहता है। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक ही बार नागपंचमी पर खोले जाते है। यहाँ महाकाल मंदिर के शीर्ष पर भगवान नागचंद्रेश्वर का अति प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर में नाग पर विराजत शिव पार्वती की प्राचीन मूर्ति है। मान्यता है की मंदिर में नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा के दर्शन और पूजन से शिव पार्वती दोनों ही प्रसन्न होते है साथ ही सर्प भय से भी मुक्ति मिलती है। जिनके दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे थे। इसके लिए महाकाल प्रबंध समिति और प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था के दावे किए थे, लेकिन यह सारे दावे खोखले होते नजर आए। लाईन में लगे श्रद्धालुओं को परेशान होना पडा वहा तक तो ठीक परन्तु दर्शन और पूजन के बाद लौट रहे लोगों को चढ़ाव का ताला खुलने का लम्बे समय तक इंतजार भी करना पड़ा।
जी हां, नागचंद्रेश्वर के पूजन के बाद लौट रहे बटुक और कुछ श्रद्धालु उतर कर जब बाए तरफ वाले चढ़ाव से नीचे उतरे तो वहां ताला था, याने कि उपर जाने का रास्ता तो खोल दिया था परन्तु बाहर आने का नहीं। काफी देर तक श्रद्धालु परेशान होते रहे। पुलिस को इस ताले की चाबी ही नहीं मिल रही थी, यहां तैनात कर्मचारियों को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था, जिसके बाद यहां से श्रद्धालुओं को बाहर निकालने के लिए पुलिस ने ताला तोड़ा। वीडियों में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस किस तरह ताला तोड रही है। जैसे ही ताला तुड़ा तो महाकाल भक्त महाकाल की जय के नारे लगाने लगे। इसके साथ ही लोगों को लगातार चल रही बारिश में सड़कों पर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ा।
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