मुंबई। महाराष्ट्र में जिला उपभोक्ता फोरम ने एक होटल को उसकी सेवा से असंतुष्ट आईपीएस अधिकारी को सर्विस चार्ज लौटाने और मुआवजा देने का निर्देश दिया है। अधिकारी को होटल का खाना उस स्तर का नहीं लगा था जिसके लिये सर्विस चार्ज वसूला जाए। पीठ ने कहा कि होटल ने शिकायतकर्ता से गलत तरीके से पैसा लिया जिसके कारण उसे मानसिक पीड़ा हुई। फोरम की पीठ में इसके अध्यक्ष बी एस वासेकर और सदस्य एस आर सनप शामिल थे। फोरम ने होटल को निर्देश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 5,000 रुपये बतौर मुआवजा और 5,000 रुपये बतौर लागत एवं सर्विस चार्ज भुगतान करे।
जयजीत सिंह की ओर से दायर शिकायत में कहा गया कि अगस्त में वह अपनी पत्नी के साथ पंजाब ग्रिल रेस्तरां गये थे, जहां उन्हें 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज के साथ बिल दिया गया। उन्होंने दावा किया हालांकि होटल का खाना और उसकी व्यवस्था उस स्तर के नहीं थे कि उनके लिये अतिरिक्त कीमत दी जाए।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने होटल के प्रबंधक को इस बारे में बताया तो उसने बिल से सर्विस चार्ज हटाने से मना कर दिया। इसके बाद सिंह ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की जिसमें उन्होंने मुआवजे एवं लागत के साथ 181.5 रुपये सर्विस चार्ज लौटाने की मांग की।
फोरम ने मामले में एकपक्षीय सुनवाई का फैसला किया क्योंकि होटल की ओर से उसका कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ था। सिंह ने फोरम में अपनी शिकायत के समर्थन में हलफनामा दायर किया था और बिल की एक प्रति भी पेश की थी। फोरम ने कहा कि शिकायतकर्ता सर्विस चार्ज के भुगतान के लिये बाध्य नहीं है।
181.5 रुपये के सर्विस चार्ज पर होटल को देने पडे़गें 10 हजार रुपये

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