गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को घर लाया जाता है। 10 दिन बाद यानि अनंत चतुर्दशी को धूमधाम और श्रृद्धाभाव से गणेश जी को विदाई दी जाती है। अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी का विसर्जन शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि विधि पूर्वक गणेश जी का विसर्जन करने से पुण्य प्राप्त होता है। घर में सुख और समृद्धि आती है। जिस प्रकार से गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की विधि पूर्वक स्थापना की जाती है। उसी प्रकार से विसर्जन के दौरान भी विधि विधान का पालन करना चाहिए।
गणेश विसर्जन की विधि
अनंत चतुर्दशी पर सुबह स्नान करने के बाद गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। गणेश जी की प्रिय चीजों का भोग लगाएं। गणेश मंत्र और गणेश आरती का पाठ करें। पूजा से पूर्व स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और विधि पूर्वक पूजा करें। विसर्जन करते इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि गणेश जी को आदर और भक्तिभाव के साथ विसर्जित करना चाहिए।
अनंत चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त
- 1 सितंबर 2020 को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का मुहूर्त इस प्रकार हैं-
- प्रात:काल का मुहूर्त: सुबह 09:10 बजे से दोपहर 01:56 बजे तक
- गणेश विसर्जन का दोपहर का मुहूर्त: दोपहर 15:32 बजे से सांय 17:07 बजे तक
- गणेश विसर्जन का शाम का मुहूर्त: शाम 20:07 बजे से 21:32 बजे तक
- गणेश विसर्जन का रात्रिकाल मुहूर्त: रात्रि 22:56 बजे से सुबह 03:10 बजे तक है।
–पं. योगेश द्विवेदी श्री साधना ज्योतिष केंद्र उज्जैन (म.प्र.) मोबाइल- 98277-14275

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