April 17, 2026

News Prawah

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हिन्दी पत्रकारिता दिवस : पत्रकारों की जुबानी…

आज हिन्दी पत्रकारिता दिवस है आज ही के दिन हिन्दी पत्रकारिता की नीव़ रखी गई। लेकिन सूचनाओं के आदन-प्रदान करने का सफर तो बहुत लम्बे समय पहले ही आरंभ हो चुका था, इसलिए है नारद मुनि को पत्रकारिता का जनक माना जाता हैं। हिन्दी भाषा के अस्तीत्व में आने के बाद उदन्त मार्तण्ड पहला समाचार पत्र बना लेकिन इसका उद्देश्य जागरूकता लाना था। आज कहीं भी पत्रकारिता अपने मूल तत्वों पर नहीं चल रही है।

कुछ लोगों है जो इसके अस्तीत्व को जिंदा रखना चाहते है। यही कारण है कि आज हम हिन्दी पत्रकारिता दिवस मना रहे है। आज हम आपको वरिष्ठ से लेकर नये पत्रकारों के विचार हिन्दी पत्रकारिता पर बताने जा रहे है, यह बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि लॉकडाउन में एक साथ सम्मिलित नहीं हुआ जा सकता, लेकिन एक साथ एक स्थान पर विचार जरूर प्रस्तुत कर इस अमूल्य दिवस का मनाया जा सकता है। यही न्यूज प्रवाह का प्रयास है….

भारतीय पत्रकारिता और संकट का सदियों से नाता रहा हैं, ऐसे में आज भी जब कोरोना से युद्ध में पत्रकारिता जनमानस की आवाज़ बनी हुई है, यह गर्व की बात हैं। हिन्दी पत्रकारिता के लगभग 194 वर्ष पूरे हो जाने पर हम सभी को इस गौरवमयी इतिहास से शिक्षा लेते हुए ऐसा वर्तमान भी गढ़ना है जिससे आने वाला भविष्य प्रेरणा लें सकें।
सभी को हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक बधाई के साथ – प्रवीण कुमार खारीवाल, अध्यक्ष, स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश

पत्रकारिता संघर्ष और विचार के दौर को पार कर अब विश्वास के संकट के दौर में प्रवेश कर चुकी है। फिर भी हिम्मत हारे बगैर आगे बढ़ने का समय है। पत्रकारिता दिवस की शुभकामनाएं। – आलोक ठक्कर, वरिष्ठ पत्रकार

पत्रकारिता के 100 वर्षो से अधिक के इतिहास में बहुत क्रांतिकारी बदलाव आये है। आज कलम पूँजीपतियों के पास बंधक है। समाचार पत्र सजावट की चकाचौंध में लिप्त है विचार गौण हो गये है। संपादक के लिये व्यवसायिक योग्यता होना अनिवार्य है। सच्ची पत्रकारिता की पीढी़ खत्म प्राय है। – अर्जुन सिंह चंदेलए संपादक, दैनिक अग्निपथ

पत्रकारिता दिवस की न्यूज़ प्रवाह के सभी पाठकों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं । पत्रकारिता दिवस पर हमे सही , सटीक और जिम्मेदारी भरी पत्रकारिता का संकल्प, हम सभी पत्रकारों को लेना चाहिए । तभी हम सभी की पत्रकारिता सार्थक हो पाएगी। – हेमंत शर्मा
महासचिव इंदौर प्रेस क्लब
स्थानीय संपादक गुड़ इवनिंग संध्या दैनिक
और संवाददाता एनडीटीवी इंदौर

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सरस्वती पुत्रो को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ । वर्तमान समय में कोरोना महामारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकारिता करने वाले सभी मीडियाकर्मी कोरोना योद्धा हैं जो लगातार देश की जनता की जागरूक कर रहे हैं । में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग करता हूं कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों को भी 50 लाख रुपये के बीमे की श्रेणी में लेकर तोहफा दिया जाए । – भूपेंद्र नामदेव
सीनियर रिपोर्टर डीजीयाना न्यूज़ इंदौर

कोरोना संक्रमण काल में पत्रकारिता भी एक संक्रमण दौर से गुजर रही है, धन पिपासा के चक्कर मे हम मान सम्मान खोते जा रहे है इलेक्ट्रॉनिक हो या प्रिंट मीडिया सभी पर कॉरपोरेट का कब्जा होने लगा है नतीजन पत्रकारिता अब मिशन की जगह चाटुकारिता होने लगी है जो समाज के लिये खतरा बन रही है बावजूद समाज पत्रकारो से ज्यादा आश रखता है हालाकि अभी भी क्षेत्रिय पत्रकारिता ने अपना विश्वास बना रखा है। – राजेन्द्र राठौर, संभाग अध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार संघ

पत्रकारिता मूलतः खोज परख तथ्यों को आम लोगों तक पहुंचाना है और इसमें कोई संदेह नहीं कि सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी जाने वाली हिंदी भाषा की पत्रकारिता के क्षेत्र में हम सभी को कार्य करने का अवसर मिल रहा है। – रामचंद्र गिरी, जिला अध्यक्ष, श्रमजीवी पत्रकार संघ

30 मई 1826 में शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता … वो समय फ़ारसी का था आज का समय अंग्रेजी का है मगर पत्रकारिता में शुद्ध हिंदी को ही जगह मिली….हमारी शुद्ध हिंदी हमारी शब्दावली हिंदी व्याकरण हमे पत्रकारिता में मज़बूत करती है …..मगर अब इसके साथ साथ आपको कंप्यूटर का ज्ञान भी जरूरी है……
मेने पत्रकारिता की शुरुआत 2008 में साधना न्यूज़ से की थी बतौर विदिशा की स्ट्रिंगर….12 साल में पत्रकारिता का स्वरूप बहुत बदल गया हैं… उलेख नही कर सकती ..बस शुद्ध हिंदी की शुद्ध नही रही पत्रकारिता – अंतिमा विश्वकर्मा, वरिष्ठ पत्रकार

वर्ष 1826 में पंडित श्री युगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रथम हिंदी समाचार पत्र ” उदण्ड मार्तण्ड ” के प्रकाशन अवसर पर प्रारम्भ हुए हिंदी पत्रकार दिवस की सभी पत्रकार साथियों को हार्दिक बधाइयाँ!एक जागरूक एवम राष्ट्रवादी पत्रकार के रूप में अपनी पहचान पत्रकारिता में बनाने के लिए हमेशा निर्भिक ओर स्वतंत्रता से कार्य करना चाहिए । – पल्लवी शर्मा, पत्रकार

Journalism is occur by society and is for society And most important thing is that Journalism acts as a bridge that connects the person to the whole world. – Anjali Shrivastav, Student, Journalism and Mass Communication

में उदंत मार्तण्ड, में सुधावर्षण, में ही आनंद बाज़ार हूँ। में एक पत्रकार हूँ… जो मिटा दे रूढ़िवादिता की दीवारें, में वो बंगदूत की धार हूँ। में एक पत्रकार हूँ…. में भारतमित्र,सरसुधानिधि, में उचितवक्त, हिंदी बंगवासी, में ही बनारस अखबार हूँ। में एक पत्रकार हूँ… जो छुपाता नहीं झूठ को, जो दबाता नहीं सच को, में वही क़लम का ईमानदार हूँ। में एक पत्रकार हूँ… ग़ुलामी का हु में वह केसरी , जो मिटाता अंधकार हूँ। में एक पत्रकार हूँ… समरसता, सदभावना, स्वाभिमान को बचाता हरिजन विचार हूँ। में एक पत्रकार हूँ। – शुभम माहोर, विद्यार्थी

देश को सच्चाई से अवगत कराने के साथ ही समाज के नागरिकों को सही दिशा दिखाना भी पत्रकारिता एक महान पेशा है। और पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, समाज को सशक्त, जागरुक, तथा लोकतांत्रिक बनाने में पत्रकारिता की अहम भूमिका होती है। हर परिस्थिति में निर्भीकता, निष्पक्षता एवं ईमानदारी के साथ आवाज़ उठाना पत्रकारिता का अभिन्नाअंग है। जो बात हिंदी पत्रकारिता में है वो और किसी मे नही है। हिंदी पत्रकारिता की शुभकामनाएं – मयंक तिवारी, विद्यार्थी

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