देशभर में अब सीबीएसई नहीं बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नीट, जेईई, नेट, सीमैट और जीपैट परीक्षाएं कराएगी। केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को इसकी घोषणा की।
यही नहीं अगले साल से मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन वर्ष में 2 बार आयोजित की जाएगी, लेकिन जेईई एडवांस्ड का जिम्मा आईआईटी के पास ही रहेगा। संभवतः मई 2019 में यह दोनों परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। खास बात है कि दोनों परीक्षाएं केवल ऑनलाइन होंगी।
2 बार परीक्षा कराने का उद्देश्य है की अगर किसी छात्र का एक अटेम्प्ट खराब हुआ है तो उसका साल बर्बाद न हो। वह 6 माह के अंदर ही दोबारा परीक्षा देकर पास कर ले। परीक्षाओं के पाठ्यक्रम व पैटर्न, सिलेबस और भाषा में किसी तरह का परिवर्तन नहीं होगा।
गौरतलब है कि 2017-18 का बजट पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के गठन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले नवंबर में एनटीए के गठन की मंजूरी दे दी थी।
सीबीएसई का तर्क था कि इन परीक्षाओं का आयोजन करने में उनका काफी संसाधन इस्तेमाल होते हैं और उनका काम बुरी तरह प्रभावित होता है। एनटीए के गठन के बाद सीबीएसई टेस्ट कराने की जिम्मेदारी से मुक्त हो गई है और शिक्षा पर केंद्रित रह सकेगी। इसके साथ ही अब नेट की परीक्षा साल में दो बार होने के बजाए एक बार ही आयोजित की जाएगी।
साल में 2 बार होगी नीट, जेईई, पर नेट होगी एक बार, एनटीए को मिली कमान

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