भगवान राम के ननिहाल कौशल्या माता के मंदिर की मिट्टी लेकर अयोध्या रवाना हुए गौ भक्त फैज खान को लेकर अब विवाद हो रहा है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने फैज के हाथों मिट्टी लेने का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिम के हाथ की मिट्टी राम जन्मभूमि भूमिपूजन में शामिल नहीं की जानी चाहिए। वहीं श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव संपत राय ने स्पष्ट किया कि मिट्टी मां है। किसी मुस्लिम के छूने से अशुद्ध नहीं हो जाती है। हर व्यक्ति अपनी आस्था से अपना योगदान मंदिर निर्माण में दे रहा है।
वाराणसी के श्री विद्यामठ में शंकराचार्य के प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हिंदुओं के लंबे संघर्ष और एकजुटता के बाद संभव हो पाया है। किसी मुस्लिम के हाथ की मिट्टी भूमि पूजन में शामिल नहीं की जानी चाहिए। सरस्वती ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ट्रस्ट के निर्माण में भेदभाव कर रही है। इसको लेकर रामालय ट्रस्ट अब अदालत का रुख करेगा। वहीं संपत राय ने 2 टूक कहा कि मुस्लिम राम भक्तों की मिट्टी पवित्र है।
गौरतलब है कि फैज खान रायपुर छत्तीसगढ़ से पैदल अयोध्या के लिए निकले है उनका का कहना है कि मैं राम भक्त हूं मुझे विवाद से कोई लेना देना नही है। सोश्यल मीडिया पर जो विरोध हुआ है उसकी जानकारी है रामभक्त को कोई भी विरोध नहीं करता है। वह पैदल अयोध्या जा रहे है और 5 अगस्त के कार्यक्रम में शामिल भी होगें।

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