हाईकोर्ट ने योग गुरु रामदेव के जीवन पर आधारित किताब गॉडमैन टू टाइकून दि अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव के विवादित अंश हटाए जाने तक प्रियंका पाठक नारायण द्वारा लिखित किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह निर्देश बाबा रामदेव की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है।
जस्टिस अनु मल्होत्रा ने अपने फैसले में कहा कि विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिप्राय किसी के प्रति आपत्तिजनक विचार व्यक्त करना नहीं है। निचली अदालत ने अप्रैल 2018 में किताब के प्रकाशन व बिक्री पर लगी रोक हटा ली थी। इस फैसले को रामदेव ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। किताब के प्रकाशन व बिक्री पर 4 अगस्त 2017 को रोक लगा दी गई थी।
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि बाबा रामदेव बेशक एक गणमान्य व्यक्ति हैं लेकिन एक आदमी की तरह उन्हें भी सम्मान व सामाजिक साख का अधिकार है। किताब के कुछ अंशों में उन्हें एक खलनायक के रूप में पेश किया गया है लेकिन, जब तक वह तथ्य कोर्ट में साबित नहीं हो जाता है, उसे प्रकाशित नहीं किया जा सकता। इन तथ्यों के संबंध में विवाद निचली अदालत में अभी विचाराधीन है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर इस समय वह तथ्य किताब से नहीं हटाए गए तो उससे बाबा रामदेव की साख को अपूर्णीय क्षति होगी। कोर्ट ने स्वामी शंकर देव के गायब होने व स्वामी योगानंद की हत्या से जुड़े तथ्य किताब से हटाने का निर्देश दिया है क्योंकि इस बाबत बाबा रामदेव के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं।
विवादित अंश हटने के बाद आएगी रामदेव से जुड़ी किताब : हाईकोर्ट

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