विमान में अकेले उड़ान भर दुनिया के पूरे गोले का चक्कर लगाने वाली सबसे छोटी उम्र की महिला बनने के इरादे से निकली अफगानिस्तानी पायलट ने सोमवार को अपनी यात्रा का ट्रांस-अटलांटिक हिस्सा शुरू किया।
सोवियत युद्ध के अंतिम दिनों के दौरान अफगानिस्तान में एक शरणार्थी शिविर में जन्मी और फिर 1987 में परिवार के साथ अमेरिका आकर बस गई 29 वर्षीय शाइस्ता वाइज़ ने छोटी उम्र में ही उड़ने का ख्वाब पाल लिया था, और जिस वक्त उसने उड़ने का लाइसेंस हासिल किया, वह सबसे छोटी उम्र की सर्टिफाइड सिविलियन महिला पायलट बनी।
अब शाइस्ता वाइज़ का इरादा ज़मीन से कहीं ऊपर उड़कर होने वाले आज़ादी के एहसास को अन्य युवतियों के साथ बांटने की इच्छुक है। अपनी उड़ान के दौरान मॉन्ट्रियल में कुछ देर रुकी शाइस्ता ने कहा कि जब मुझे अपनी चाहत उड़ान का एहसास हो गया, मैंने खुद को ही चुनौती देना शुरू कर दिया। मैंने पढ़ना भी शुरू किया। गणित में मेरा प्रदर्शन बेहतर हो गया। मैंने दुनिया को अलग नज़रिये से देखना शुरू किया। आसमान को भी अलग ही नज़र से देखने लगी। सबसे अहम है कि आप अपनी चाहत का पता लगा लें, और फिर उसी दिशा में बढ़ते रहें।
विमान में दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे छोटी पायलट बनने जा रही है यह अफगानी लड़की

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