देश भर में आज हिन्दू नव वर्ष मनाया जा रहा है। विक्रम संवत के नाम से मनाए जाने वाले इस नव वर्ष कि शुरुआत धार्मिक नगरी उज्जैन से ही हुई थी इसलिए इसका उज्जैन शहर में विशेष महत्त्व है। हिन्दू धर्म के नव वर्ष की शुरुआत माँ शिप्रा के तट से मंत्रोचारण के साथ की गई। पण्डे पुजारियों सहित लोगो ने यहाँ सूर्य देव को अर्ध्य देकर अपने नव वर्ष को प्रारंभ किया। महिलाओ ने राम घाट पर शंख नाद के साथ सूर्य देव का वंदन किया।
गुड़ी पड़वा पर रविवार सुबह 5 बजे से दत्त अखाड़ा शिप्रा तट पर दीप प्रज्ज्वलन और शंखनाद कर नववर्ष आयोजन की शुरुआत हुई। यहां सर्वप्रथम 151 वैदिक बटुक मंगलाचरण कर मां शिप्रा का पंचामृत पूजन व सौभाग्य सामग्री अर्पण की गई, जिसके पश्चात आदित्य ह्रदय स्त्रोत के पाठ से सूर्य उपासना हुई। पं आशुतोष शास्त्री शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी गई। बाल कलाकारों द्वारा विभिन्न मुद्राओं में नृत्य कर भगवान सूर्य को नृत्यांजलि अर्पित की। महिलाओं ने गुड़ी व ध्वज पूजन किया और नीम प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम के दोरान रामघाट और दत्त अखाडा घाट पर बढ़ी संख्या में लोगो ने पहुंचकर सूर्य को अर्ध्य दिया इस दोरान हजारों शंखों की ध्वनि से आसमान गुंजायमान हुआ इस दोरान ऊर्जा मंत्री परस जैन ने बताया की यहाँ परम्परा पिछले कई वर्षों से चली आ रही हे जिसका निर्वाहन रामघाट समिति सहित सभी समाज के लोगो द्वारा किया जाता हे।
विक्रम संवत की शंख नाद से हुई शुरुआत

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