ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने शनिवार को यूएन सिक्युरिटी काउंसिल में भारत को नहीं शामिल किए जाने पर सवाल उठाए। पीएम मोदी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुहानी ने कहा कि भारत जिसकी आबादी सवा अरब से ज्यादा है, उसे यूएन में वीटो पावर नहीं दिया गया। जिनके पास परमाणु बम थे सिर्फ उन्हें ही वीटो अधिकार दिए गए हैं। बता दें कि यूएन सिक्युरिटी काउंसिल के 5 स्थायी सदस्यों के पास वीटो पावर हैं। ये देश हैं अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस।
रुहानी ने अमेरिका पर 1979 की इस्लामिक क्रांति रोकने और ईरानी लोगों की जिंदगी को नियंत्रित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
भारत और ईरान ने शनिवार को चाबहार पोर्ट से जुड़े एक बेहद अहम समझौते पर साइन किए। इसके तहत भारत को 18 महीने के लिए ओमान की खाड़ी में बने चाबहार पोर्ट का नियंत्रण मिल गया है। प्रधानमंत्री मोदी और रुहानी ने पोर्ट के जरिए दोनों देशों के बीच इन्वेस्टमेंट और ट्रेड बढ़ाने की बात भी कही।
ज्वाइंट स्टेटमेंट में नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं 2016 में तेहरान गया था और अब जब आप आए हैं तो इससे हमारे रिश्ते गहरे और मजबूत हुए हैं।
यूएनएससी में भारत के पक्ष में बोले हसन रुहानी भारत के पास वीटो पावर क्यों नहीं

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