विश्व बैंक ने अनुमान जताया है कि युद्ध के परिणामस्वरूप यूक्रेन की अर्थव्यवस्था इस साल 45 फ़ीसदी तक घट जाएगी। विश्व बैंक ने ये भी कहा है कि यूक्रेन की अर्थव्यवस्था पर इस युद्ध का नकारात्मक असर कोरोना महामारी के दौर में पूर्वी यूरोप और मध्य एशिया पर दिखे प्रभाव से भी ज़्यादा होगा। विश्व बैंक के अनुसार एक के बाद एक कई प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था में भी मंदी आएगी।
युद्ध की वजह से यूक्रेन की अधिकांश जनता देश छोड़कर जाने या फिर लड़ने को मजबूर है। कारोबार बंद हो गए हैं और सड़कें, फै़क्टरी और अन्य मुख्य इमारतें हमलों की वजह से बर्बाद हो चुकी हैं। विश्व बैंक ने कहा है कि युद्ध की वजह से यूक्रेन कई साल पीछे चला गया है।
यूक्रेन सूरजमुखी और गेहूं का बड़ा उत्पादक देश रहा है लेकिन निर्यात रुकने के कारण दुनियाभर में इनकी कीमतें बढ़ी हैं और यूक्रेन की कमाई का अहम ज़रिया भी बंद हो गया है। विश्व बैंक ने कहा है कि रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध का अर्थ है कि उसकी अर्थव्यवस्था इस साल 11 फ़ीसदी तक सिकुड़ेगी।
