मुख्य न्यायाधीश के ऑफिस को आरटीआइ के दायरे में लाने पर बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। भारत देश में सूचना के अधिकार के तहत मुख्य न्यायाधीश के ऑफिस को भी लाने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में इससे पहले बुधवार को हुई सुनवाई में अटार्नी जनरल वेणुगोपाल ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि स्वतंत्र न्यायपालिका संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। कोलीजियम के फैसले और सिफारिशों की जानकारी व अन्य सूचनाएं सार्वजनिक करना जनहित में नहीं है। सीजेआइ के दफ्तर को आरटीआइ के दायरे में लाने के मामले में 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ इसकी सुनवाई कर रही है। इस पीठ में की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश रंजन गगोई कर रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश के ऑफिस को आरटीआइ में लाने का फैसला सुरक्षित

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