April 21, 2026

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महिला सशक्तिकरण से ही नए भारत का निर्माण होगा : वेंकैया नायडू

उप राष्ट्रपति एम वेकैंया नायडू आज भोपाल दौरे पर थें उन्होंने कहा है कि महिला सशक्तिकरण से ही नए भारत का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि संसद और विधान सभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के कानून का सभी राज्यों को समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कानून के साथ इसे लागू करने की संकल्प शक्ति भी जरूरी है। भोपाल जम्बूरी मैदान पर महिला स्व-सहायता समूहों के राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उप राष्ट्रपति ने सम्मेलन के आयोजन को ऐतिहासिक, अद्भुत और अपूर्व बताते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह सुंदरतम् सम्मेलन है। सुंदर मुख्यमंत्री हैं और महिला सशक्तिकरण के लिए एक सशक्त संकल्प लिया गया है। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों से 23 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल के लिए भी प्रदेश सरकार को बधाई दी।
नायडू ने कहा कि नारी अब अबला नहीं सबला है और बेटियां अब बोझ नहीं वरदान हैं। वे पूरी क्षमता से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज हैं और सुमित्रा महाजन संसद में स्पीकर हैं। उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में भी महिलाओं ने अप्रतिम योगदान दिया है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि समाज मे महिला सशक्तिकरण के माध्यम से परिवर्तन की लहर आई है। समाज का नज़रिया बदलने की जरूरत है। मध्यप्रदेश ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में इतिहास बनाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान द्वारा महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को बैंक लोन उपलब्ध कराने की पहल सराहनीय है। भारत में महिलाओं को सम्मान दिया जाता है। इसलिए इस धरती को भारत माता कहा गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को आरक्षण देने और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने से समाज में बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर दें तो वे समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं और अपने अधिकारों की रक्षा स्वयं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि परिवार में यदि महिलाएं आगे बढ़ें तो पूरे परिवार में समृद्धि लाती हैं। उप राष्ट्रपति ने कहा कि स्व-सहायता समूह आंदोलन दक्षिण भारत में ही सीमित था। अब इस आन्दोलन ने मध्यप्रदेश में भी तेज गति पकड़ ली है। उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ आंदोलन को भी आगे बढ़ाने की जरुरत बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति पास के कुछ न कुछ प्रतिभा है। इसलिए प्रतिभाओं का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। पर्याप्त प्रशिक्षण देकर आगे बढने के अवसर उपलब्ध कराये जाना चाहिए। उन्होंने इस दिशा में मुख्यमंत्री चौहान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मूल मंत्र रिफार्म, फरफार्म और ट्रान्सफार्म को अमल में लाने पर बल दिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं के स्व-सहायता समूह के फेडरेशन को टेक होम राशन निर्माण की फैक्ट्री चलाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। उनके उत्पादों की बिक्री के लिये बड़े शहरों में बाजार स्थापित किए जायेंगे। शहरों में स्थित मॉल में किराये से दुकानें लेकर इनके उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। महिला स्व-सहायता समूहों के फेडरेशन को मिलने वाले 5 करोड़ रुपये तक के लोन की बैंक गारंटी सरकार लेगी। उन्होंने कहा कि राज्य आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित और अन्य स्व-सहायता समूह द्वारा लिए गए ऋण पर देय ब्याज का 3 प्रतिशत ब्याज सरकार चुकायेगी। उन्हें स्टाम्प शुल्क नहीं लगेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नये मध्यप्रदेश और नये भारत के निर्माण में आर्थिक रूप से सशक्त महिलायें मुख्य भूमिका निभायेंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिलाओं के स्व-सहायता समूह के माध्यम से नारी शक्ति की नई चेतना का उदय हुआ है। ग्रामीण मध्यप्रदेश में महिलायें नेतृत्व संभाल रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूरा सम्मान और आदर मिलना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के सम्मान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अवसर देने के कारण आज वे स्थानीय शासन को सक्षमता के साथ चला रही हैं। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। शिक्षकों की भर्ती में उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उन्होंने महिला बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास करने के लिए बधाई दी।

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