केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही रस्साकशी को लेकर आज साफ कर दिया कि चूंकि ज्यादा सीटें बीजेपी की हैं इसलिए सीएम तो बीजेपी का ही बनेगा। इस विवाद को सुलझाने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत के हस्तक्षेप के सवाल पर गडकरी ने कहा कि उन्हें इससे नहीं जोड़ा जाना चाहिए। गडकरी ने उनको महाराष्ट्र भेजकर सरकार की कमान सौंपने के कयासों पर भी यह कहकर विराम लगा दिया कि वे दिल्ली में कम कर रहे हैं और महाराष्ट्र में आने का सवाल ही नहीं उठता।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरूवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का नाम महाराष्ट्र में सरकार गठन संबंधी कदमों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनाने पर जल्द फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चूंकि भाजपा ने शिवसेना से ज्यादा सीटें जीती हैं, इसलिए मुख्यमंत्री उन्हीं की पार्टी का होगा।
नागपुर से लोकसभा सदस्य ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान शीर्ष पद संभालने के लिए राज्य में अपनी वापसी की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस नई सरकार का नेतृत्व करेंगे। गडकरी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत या संघ का इससे कोई संबंध नहीं है। सरकार गठन को लेकर जो चल रहा है उससे आरएसएस सरसंघचालक को जोड़ना सही नहीं होगा।
महाराष्ट्र सरकार के गठन से भागवत का कोई नाता नहीं, फडणवीस ही बनेंगे सीएम : गडकरी

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