महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार बनाने में पेंच फंसने पर भी भाजपा बैकफुट पर आने को तैयार नहीं है। सभी निर्दलीय विधायकों को अपने साथ खड़ा कर भाजपा शिवसेना पर दबाव बनाने में जुटी है। ठाकरे घराने से किसी सदस्य के तौर पर पहली बार चुनाव लड़कर आदित्य ठाकरे के जीतने के बाद मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना की निगाह गड़ने पर भाजपा ने साफ कर दिया है कि यह पद उसे नहीं मिलने वाला। भाजपा का कहना है कि उसे 15 निर्दलीयों का भी समर्थन मिला है। छोटे दलों के कुछ और भी विधायक संपर्क में हैं। इस प्रकार वह 2014 की तरह ही संख्याबल के आधार पर मजबूत स्थिति में है। कुल मिलाकर भाजपा, शिवसेना को संदेश देने की कोशिश में है कि वह इस चुनाव में किसी तरह से कमजोर नहीं हुई है।
गौतलब है कि मीरा भायंदर सीट से भाजपा का टिकट न मिलने पर निर्दल लड़कर जीतीं गीता जैन, बरसी सीट से राजेंद्र राउत, अमरावती जिले की बडनेरा सीट से जीतने वाले रवि राणा ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। भाजपा का कहना है कि इन तीनों की तरह अन्य निर्दल विधायकों ने खुद भाजपा से संपर्क कर समर्थन देने की बात कही है, क्योंकि उनका नाता भाजपा से ही रहा है।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर अब भी फंसा पेच, बीजेपी ने दिया यह बयान

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