April 18, 2026

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भारी बारिश से प्रदेश में जनजीवन अस्त व्यस्त सीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रो में कही नाव से तो कही किया हवाई सर्वे

मध्य प्रदेश में लगातार जारी भारी बारिश से प्रदेश में बाढ़ के हालात हो गए है। भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। प्रदेश में सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं,कई क्षेत्रों में बाढ़ आई हुई है, एनडीआरएफ एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन के द्वारा बाढ़ ग्रस्त इलाकों में लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

भोपाल विदिशा जबलपुर सभी जगह भारी बारिश से हाल बेहाल है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है ।विदिशा राजगढ़ और गुना में भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं । भारी बारिश के चलते बांधों में पानी लबालब हो चुका है जिसके चलते बांधों के गेट खोलने पड़ रहे हैं। सभी बांधों के गेट खोलने से नदियां उफान पर हैं। नदियों के निचले इलाकों में बाढ़ के हालात है ,लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में नर्मदा,बेतवा,केन,चंबल, शिवना आदि नदियां खतरे के निशान को छू रही है तो कई पुल पुलिया टूट चुके हैं तो कई रास्ते अवरुद्ध है।

मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बीच लगातार भारी बारिश हो रही है जिसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से हाहाकार मचा है।

भारी बारिश के चलते मंगलवार को होने वाली कैबिनेट मीटिंग को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैंसिल कर दिया। सीएम शिवराज ने बाढ़ और अतिवृष्टि प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। सीएम ने सभी मंत्रियों से भी मैदान में उतर कर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के हालात जानने को कहा और नुकसानी का आकलन करने के लिए निर्देश दिए।

सीएम शिवराज खुद बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में जायजा लेने पहुंचे। सीएम ने हवाई सर्वे भी किया। सीएम ने बाढ़ प्रभावित विदिशा रायसेन राजगढ़ के कलेक्टर से बात कर हालात जाना मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को शाम से पहले रेस्क्यू किया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज गंजबासौदा और विदिशा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव से दौरा किया और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की वहीं प्रदेश के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा कर आमजन की स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने कहा है नागरिक चिंता न करें चुनौती की इस घड़ी में हम उनके साथ हैं, राहत एवं बचाव कार्य में मैं और टीम एमपी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने गुना जिला प्रशासन और ग्वालियर कमिश्नर से फोन पर चर्चा कर गुना और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली। पार्वती के कैचमेंट एरिया में बसे गांव के लोगों को सतर्क रहने और वहां प्रशासन द्वारा स्थिति की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी को निर्देश दिए हैं कि अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को शाम से पहले रेस्क्यू कर लें।

बता दें कि इस वक्त मध्य प्रदेश में लगातार अतिवृष्टि और अति भारी बारिश के चलते बांधो व नदियों का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। पार्वती नदी,नर्मदा नदी,केन नदी, तमस नदी सहित सभी नदियां उफान पर हैं वही बांधों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है।

प्रदेश में राजघाट,गांधी सागर, बरगी, तवा, हंडिया, मोहनपुरा, कोलार,ओमकारेश्वर, कलियासोत ,भदभदा आदि बांधो का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और बांधों में लगातार जल स्तर बढ़ने के कारण बांध के गेट खोले जा रहे हैं। जबलपुर में बरगी बांध के 13, टीकमगढ़ में बानसुजारा बांध की 11, खंडवा इंदिरा सागर बांध,खंडवा ओंकारेश्वर बांध, मंदसौर गांधी सागर बांध के गेट खुले हुए हैं।

लगातार बांधो से पानी छोड़ने के कारण सभी नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर तो कहीं खतरे के निशान के साथ बह रही है। भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है बाढ़ और बारिश के बीच प्रशासन व सरकार लगातार लोगों को इस क्यों कर रहे हैं और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

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