खरगोन दंगे के मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। उन्होंने मंगलवार को मस्जिद पर चढ़े एक शख्स का फोटो ट्वीट करके उसे खरगोन का बताया था। यह फोटो बिहार का था। गलती का अहसास होने पर दिग्विजय ने पोस्ट डिलीट कर दी थी।
इस फोटो शेयर करते हुए दिग्विजय ने लिखा था कि क्या तलवार-लाठी लेकर धार्मिक स्थल पर झंडा लगाना उचित है? क्या खरगोन प्रशासन ने इसकी इजाजत दी थी। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उनके खिलाफ एक्शन लेने की बात कही। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिग्विजय प्रदेश को दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं।
दिग्विजय पर आईपीसी की धारा 153 ए, 295ए, 465 और 505-2 के तहत केस रजिस्टर्ड किया गया है। मंगलवार दोपहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भोपाल में क्राइम ब्रांच पहुंचकर दिग्विजय के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस ने उनके खिलाफ ये मामला राजधानी के एमपी नगर इलाके में रहने वाले प्रकाश माण्डे की शिकायत पर दर्ज किया। प्रकाश ने क्राइम ब्रांच को आवेदन देते हुए बताया कि दिग्विजय सिंह ने फेब्रीकेटेड फोटो ट्वीट कर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश कर, प्रदेश में अस्थिरता लाने की कोशिश की। प्रकाश प्राइवेट जॉब करते हैं।
गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा. मध्य प्रदेश को बदनाम करने की बात हो या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की बात हो, दिग्विजय सिंह ऐसा करते रहे हैं। पहले पाकिस्तान के ब्रिज को भोपाल से जोड़ दिया था। अब बिहार की मस्जिद, जिसमें झंडा फहराया जा रहा है, उसे मध्यप्रदेश से जोड़कर दिखाया। दिग्विजय सिंह पर क्या वैधानिक कार्यवाही हो सकती है, इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
