April 18, 2026

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फैसले पर किसने कहा क्या, लड़ाई लड़ने वालों से लेकर मुख्य तक के विचार

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद मामले में 40 दिन चली सुनवाई के बाद आज शनिवार को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर बनेगा, जबकि मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ की अलग से जमीन दी जाए, जिस पर वो मस्जिद बना सकें। राम मंदिर निर्माण के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने यह फैसला सर्वसम्मति से सुनाया।
किसने कहा क्या…
मंदिर निर्माण में योगदान दें मुस्लिम : बाबा रामदेव
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बाबा रामदेव ने कहा कि यह बहुत बड़ा ऐतिहासिक न्याय है। देश आस्था नहीं संविधान से चलता है जो आज चरितार्थ हुआ। फैसले में मुस्लिम पक्ष का सम्मान रखा गया और उन्हें मस्जिद के लिए जगह दी गई। इससे ज्यादा सौहार्द वाली बात नहीं हो सकती थी। सारी दुनिया जानती है कि राम अयोध्या में पैदा हुए। जब राम का जन्म अयोध्या में हुआ तो मंदिर का निर्माण वहां होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में मुस्लिम समाज के लोग भी अपना योगदान करें, जो दुनिया में अनोखा मिसाल पेश करेंगे।
जनभावना और आस्था को न्याय : भागवत
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद क्या संघ काशी और मथुरा में भी ऐसे ही आंदोलन करेगा? इस पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है। वह इंसान सृष्टि करने वाला संगठन है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से देश की जनभावना और आस्था को न्याय देने वाले फैसले का संघ स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि इस लंबी प्रक्रिया में राम जन्मभूमि से संबंधित सभी पक्षों को धैर्य से सुना गया है। सभी पक्षों के वकीलों का हम अभिनंदन करते हैं और बलिदानियों को प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार और आम लोगों की ओर से किए गए प्रयासों का अभिनंदन करते हैं। जय और पराजय की दृष्टि से इस फैसले को नहीं देखना चाहिए।
यह किसी की हार या जीत नहीं : मोदी
देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्तिए ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांतिए सद्भाव और एकता बनाए रखें।
राम हर धर्म और जमीन पर : मुरली मनोहर जोशी
बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि हर किसी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। हर किसी को फैसला मानना चाहिए। देश में सद्भाव बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि मैं मानता हूं कि राम हर धर्म और जमीन पर हैं। मंदिर एकता का शानदार उदाहरण बनना चाहिए। फैसले के बाद हमें एक नए कल की शुरुआत करनी होगी।
निर्णय सहजता से स्वीकार करें : अमित शाह
बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक के बाद एक 4 ट्वीट कर कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और लोगों से अपील भी की कि लोग निर्णय को सहजता से स्वीकारें। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूं कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मैं स्वागत करता हूँ।
मैं सभी समुदायों और धर्म के लोगों से अपील करता हूँ कि हम इस निर्णय को सहजता से स्वीकारते हुए शांति और सौहार्द से परिपूर्ण एक भारत-श्रेष्ठ भारत के अपने संकल्प के प्रति कटिबद्ध रहें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह निर्णय भारत की एकताए अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।
फैसले का स्वागत : कांग्रेस
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी की अगुवाई में आज कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई। कांग्रेस फैसले का स्वागत करती है। हम सभी धर्म और समुदायों से अनुरोध करते हैं कि देश में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखी जाए तथा संविधान का आदर हो।
पहले मंदिर फिर सरकार : शिवसेना नेता संजय राउत
पहले मंदिर फिर सरकार!!!
अयोध्या में मंदिर
महाराष्ट्र मे सरकार…
जय श्रीराम!!!
फैसले पर कोई विवाद न हो : नीतीश कुमार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि यह फैसला सभी को मानना चाहिए और आगे इस फैसले पर कोई विवाद नहीं हो, यही मेरा अपनी राय है। कोर्ट का फैसला है और इस फैसले का सब को सम्मान करना चाहिए। हम लोग का पहले से विचार था कि दोनों पक्ष मिल बैठकर इसका समाधान करें, लेकिन कोर्ट ने जो फैसला किया है निश्चित तौर पर सभी लोगों को उसका सम्मान करना चाहिए।
न बराबरी मिली न न्यायः जिलानी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष के वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हमें न बराबरी मिली और न ही न्याय। फैसले पर असहमति जताना हमारा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट भी कभी-कभी गलत हो सकता है। कोर्ट ने पहले भी अपने फैसलों पर पुनर्विचार किया है, अगर हमारी वर्किंग कमिटी फैसला लेती है तो हम भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे।
दिव्य फैसले का स्वागतः उमा भारती
माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस दिव्य फ़ैसले का स्वागत। माननीय अशोक सिंघल जी को स्मरण करते हुए उनको शत्.शत् नमन। वह सबए जिन्होंने इस कार्य के लिए अपने जीवन की आहुति दे दी उन्हें श्रद्धांजलि एवं ण्ण्ण्
हम सब फैसले का सम्मान करें : कमलनाथ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि एक बार फिर आपसे अपील करता हुं कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फ़ैसले का हम सभी मिलजुलकर सम्मान व आदर करे। किसी प्रकार के उत्साह ए जश्न व विरोध का हिस्सा ना बने। अफ़वाहों से सावधान व सजग रहे।किसी भी प्रकार के बहकावे में ना आवे।

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