सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिए दूसरी जगह 5 एकड़ भूमि आवंटित की जाए। 5 जजों की पीठ ने सर्वसम्मति यानी 5-0 से यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विवादित स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने के भीतर एक ट्रस्ट गठित करे। पीठ ने फैसले में कहा कि 2.77 एकड़ की विवादित भूमि का अधिकार राम लला की मूर्ति को सौंप दिया जाए। हालांकि, इसका कब्जा केंद्र सरकार के रिसीवर के पास ही रहेगा।
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। मुझे उम्मीद है कि देश विकास की ओर गति करेगा। जहां तक एक समीक्षा याचिका दायर करने का सवाल है तो मैं भी इसके पक्ष में नहीं हूं। उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विनम्रता पूर्वक सम्मान करते हैं। मैं यह साफ करना चाहता हूं कि यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा के लिए अपील नहीं करेगा और न ही कोई उपचारात्मक याचिका दायर करेगा।
फैसले के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड नहीं करेगा अपील

More Stories
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय कार्यपरिषद सदस्य डॉ. कुशवाह ने जन्मदिवस के अवसर पर सबसे पहले स्व गणना पोर्टल पर स्व गणना की
किसानों को गेहूँ विक्रय के लिये 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग की सुविधा : मंत्री राजपूत
CrPI सिस्टम/MCU के प्रभावी संचालन हेतु राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित