हीना तिवारी,उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में वैसे तो वर्ष भर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन त्योहारों व खास मौके पर यहां पर भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। वही नए साल के अवसर पर प्रतिवर्ष यहां पर लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और नए साल की शुरुआत बाबा महाकाल के दर्शन कर करते हैं।इसी को लेकर उज्जैन पुलिस व प्रशासन उचित व्यवस्थाएं जुटाने में लगा है और व्यापक तैयारियां की गई है।
साल की शुरुआत कई लोग भगवान के दर्शन पूजन कर करते हैं। प्रतिवर्ष बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष नए साल की शुरुआत रविवार को हो रही हैं। रविवार व सोमवार होने के कारण कम से कम 6 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को मद्देनजर रखते हुए व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। जिसमें सभी श्रद्धालुओं को महाकाल मंदिर दर्शन के लिए महाकाल लोक से ही एंट्री मिलेगी।
महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि नए साल पर रविवार और सोमवार को 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। लड्डू प्रसादी के लिए भी डबल डिमांड दी हुई है इस साल भी ऑनलाइन होने वाली भस्म आरती की अनुमति 31 दिसंबर से 1 जनवरी के लिए ब्लॉक कर दी है।
31 दिसंबर यानी शनिवार और 1 जनवरी रविवार होने से छुट्टी रहेगी। भीड़ को देखते हुए भक्तों की लाइन त्रिवेणी संग्रहालय से लगेगी,जो नंदी द्वार होते हुए बेरीकेट के माध्यम से मानसरोवर पहुंचेगी। यही कतार गणेश मंडपम तक जाएगी। गणेश मंडपम से दर्शनों के बाद भक्त महाकाल लोक में बने पिनाकी द्वार से बाहर निकलेंगे। लाइन में लगे श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी का इंतजाम भी किया गया है।
उज्जैन एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि व्यवस्था 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक रहेगी। 500 पुलिसकर्मी व्यवस्था में व 350 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। मंदिर व आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरा से व सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी।
नए साल को लेकर बाबा महाकाल के भक्तों को बाबा के दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े इसलिए व्यापक व्यवस्थाए की जा रही हैं। नए साल में लाखों भक्तों के आने की संभावना हैं। जिसको लेकर समुचित व्यवस्थाएं प्रशासन द्वारा की गई हैं।

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