दुनिया में कहीं भी बिना नंदी के शिवलिंग आपने नहीं देखा होगा। जहां शिव लिंग होगा वहां बैठे हुए नंदी जरूर देखने मिलते है। लेकिन आज हम आपको देश के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां नंदी खड़े हुए हैं।
उज्जैन के महर्षि सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने 64 दिनों में 16 कलाओं और 64 विद्याओं का ज्ञान हासिल किया था। सांदीपनि आश्रम में श्रीकृष्ण के साथ भगवान शिव भी मौजूद है। यहां भगवान शिव पिंडेश्वर महादेव के रूप् में मौजूद है। कहा जाता है कि जब भगवान शिव अपने प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दर्शन करने यहां पधारे, तो गुरु और गोविंद के सम्मान में नंदीजी खड़े हो गए। यही वजह है कि यहां नंदीजी की खड़ी प्रतिमा के दर्शन भक्तों को होते हैं। देश के अन्य शिव मंदिरों में नंदी की बैठी प्रतिमाएं ही नजर आती हैं।
रविवार रात को उज्जैन के राजाधिराज महाकाल बाबा हरि हर मिलने के लिए अपने दरबार याने कि महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगें और गोपाल मंदिर पहुंचेगें। अयोध्या फैसले के कारण बहुत ही शांतपुर्ण रूप से इस परंपरा को पूर्ण किया जाएगा। गोपाल मंदिर पहुंचकर भगवान शिव बेलपत्र की माला श्रीकृष्ण को अर्पित करेगें और भगवान श्रीकृष्ण तुलसी की माला पहनाकर महाकाल बाबा का स्वागत करेंगे।
दुनिया का एक मात्र मंदिर जहां खडे़ नदीं के होते दर्शन

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