April 19, 2026

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दिमाग और शरीर के लिए प्रकृति का वरदान हैं यह फल

– डॉक्टर संजीव कुमरावत
फलों में पोषक तत्व रहते हैं और फल खाने से व्यक्ति को कई लाभ भी होते हैं,विभिन्न प्रकार के फलों के सेवन करने से विटामिन मिलतें हैं जो की शरीर के लिए लाभकारी होते हैं स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद होते हैं.ऐसे ही एक फल की विशेषता और गुणों के बारे में जानकारी दे रहे हैं डॉक्टर संजीव कुमरावत,जानिए फल के गुण और उससे होने वाल लाभों को

सिंघाड़ा एक अद्भुत फल है जो कि अथाह ऊर्जा का भंडार है, इसीलिए इसको व्रत उपवास में खाते हैं ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे। सिंघाड़ा में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं। यह विटामिन ब्रेन के neurons के लिए आवश्यक होते हैं खास कर ऐसे neurons जो “खुशी वाले हार्मोन” यानि serotonin का प्रोडक्शन करते हैं, इसलिए सिंघाड़ा खाने से व्यक्ति खुश, प्रसन्न रहता है उसकी याददाश्त बेहतर होती है। सिंघाड़ा में टेनिक और फिनोलिक एसिड जैसे एन्टीआक्सीडेंट होते हैं। स्ट्रेस और overthinking में हमारे ब्रेन में हानिकारक केमिकल्स निकलते हैं जो ब्रेन को नुक़सान पंहुचाते है, सिंघाड़ा में मौजूद यह एन्टीआक्सीडेंट इन हानिकारक केमिकल्स की सफाई करते हैं और ब्रेन को नुक़सान से बचाते हैं।

इसमें विटामिन सी अत्याधिक मात्रा में होता है जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाता है,वहीं विटामिन सी और जिंक स्पर्म काउंट को भी बढ़ाते हैं।

सिंघाड़ा में पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस और आयोडीन होता है। पोटेशियम ब्लडप्रेशर कंट्रोल करने में सहायक होता है वहीं यह पोटेशियम हृदय के लिए टानिक का कार्य करता है अतः बीपी और हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद है।

सिंघाड़ा में फाइबर अत्यधिक मात्रा में होता है,यह फाइबर ग्लूकोज के शोषण को धीमा कर के ब्लड शुगर कंट्रोल करता है, इसलिए डायबिटीज के रोगी के लिए यह वरदान है। फाइबर पेट सम्बंधित रोग में भी फायदेमंद रहता है अतः constipation में लाभदायक है।
सिंघाड़ा high volume फल है यानि इसके खाने के बाद जल्दी ही पेट भर जाता है और लम्बे समय तक पेट भरा रहता है इससे overeating यानि ज्यादा खा लेना नहीं होता,वहीं यह उर्जा का भंडार है. इसीलिए ताकत बनी रहती है इस कारण मोटापे में या वजन कम करने में यह रामबाण उपाय है।

सिंघाड़े में मौजूद कैल्शियम और फास्फोरस हड्डियों एवं दांत को मजबूती देता है इसलिए हड्डी रोगी या वृद्ध जन में यह बहुत उपयोगी है क्योंकि यह हड्डियों का क्षरण osteoporosis रोकता है।इसमें मोजूद आयोडीन थायराइड ग्लैंड के लिए सहायक होता है।

विटामिन बी ज्यादा मात्रा में होने के कारण यह एनिमिया में लाभदायक है तो यह अमृत फल ब्रेन और शरीर की चुस्ती फुर्ती के लिए, ब्लडप्रेशर, ह्रदय रोगी, डायबिटीज, मोटापा में, याददाश्त बढ़ाने में, हड्डियों की मजबूती के लिए वरदान है।अभी सिंघाड़ा का सीजन चल रहा है तो रोज 8 से 10 सिंघाड़ा खाना पर्याप्त रहेगा।

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