April 18, 2026

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तीन तलाक : द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज कानून लोकसभा में पास

नई दिल्ली। एक बार में तीन तलाक को क्रिमिनल ऑफेंस के दायरे में लाने के लिए सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बिल पेश कर दिया। बिल का सबसे पहले विरोध करने वालों में असदुद्दीन ओवैसी शामिल थे। वहीं, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह बिल महिलाओं की गरिमा की हिफाजत के लिए है। शरीयत में कोई दखल नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर देश की मुस्लिम महिलाओं के लिए खड़ा होना अपराध है, तो ये हम 10 बार करेंगे। कांग्रेस ने कहा कि वो लोकसभा में बिल को सपोर्ट करेगी, लेकिन इसमें शामिल क्रिमिनल प्रोविजंस पर सवाल भी उठाएगी। उसने इसे स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की अपील की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इस पर एकजुटता दिखाने की अपील की।
असदुद्दीन ओवैसी ने बिल में 2 संशोधन रखे। पहले दोनों संशोधन ध्वनिमत फिर वोटिंग के वक्त खारिज हो गए। दोनों संशोधन के पक्ष में उन्हें सिर्फ दो-दो वोट मिले। रविशंकर प्रसाद ने इस्लामिक देशों के कानूनों का हवाला दिया।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं बांग्लादेशी कानून का क्लॉज 7 पढ़ रहा हूं। कोई भी शख्स जो अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता है, वो तलाक के किसी भी तरीके के इस्तेमाल के बाद चेयरमैन को लिखित में इसके बारे में बताएगा। इसकी एक कॉपी उसकी पत्नी को दी जाएगी। इसका उल्लंघन करने वाले को एक साल तक जेल और जुर्माने या जेल के साथ जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
प्रसाद ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी देश है, ये हम सभी जानते हैं। लेकिन, यहां कुछ लोग हैं जो पाकिस्तान से प्रभावित होते हैं इसलिए मैं वहां का कानून भी बता रहा हूं। उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स जो अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता है। किसी भी तरह का तलाक देने के बाद ऐसा करने की लिखित में सूचना देगा और इसकी एक कॉपी पत्नी को भी उपलब्ध कराएगा। ऐसा ना करने पर जुर्माना या एक साल की जेल या फिर जेल के साथ 5000 रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमने बहुत छोटा सा बिल बनाया है। इसमें तलाक-ए-बिद्दत को गैरकानूनी बताया गया है। अगर आप ट्रिपल तलाक कहेंगे तो आप जेल जाएंगे। आपको अपनी पत्नी और बच्चों को मुआवजा देना होगा। आपकी पत्नी को नाबालिग बच्चों की कस्टडी मांगने का हक होगा। आरोपी को पुलिस से बेल नहीं मिलेगी, वो कोर्ट में मजिस्ट्रेट के पास बेल के लिए अप्लाई कर सकता है। मजिस्ट्रेट के पास वो पावर है कि वो हैसियत और इनकम देखकर मामले पर विचार करेगा।
कानून मंत्री ने अपील कि इस बिल को सियासत के नजरिए से ना देखा जाए। साथ ही कहा कि हिंदुस्तान की सबसे बड़ी पंचायत से अपील है कि इस बिल को दलों की दीवारों में ना बांधा जाए। इस बिल को मजहब के तराजू में ना तौला जाए। साथ ही उन्होंने चौथी अपील कि इस बिल को वोट बैंक के खाते से ना परखा जाए। ये बिल हमारी बहनों-बेटियों की इज्जत-आबरू-इसांफ का बिल है। ये सदन कई बार ऊंचाइयों पर खड़ा होता है। उसी ऊंचाई की विरासत से अपील करता हूं कि हम अपने सियासी झगड़ों को छोड़कर भारत की मुस्लिम बहनों और बेटियों के लिए खड़े हो जाएं। ये कहें कि अगर आपको इंसाफ नहीं मिलता तो ये सदन आपको इंसाफ देगा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बिल महिला से भेदभाव खत्म करने, उन्हें सुरक्षा और सम्मान देने के लिए है। इस बिल को द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज नाम दिया गया है।
इस तरह लोकसभा में तीन तलाक पर बिल पास हो गया। इसके अगेंस्ट में 2 वोट पडे़, लंबी बहस हुई और अंततः बिल पास हो गया। अब यह बिल राज्यसभा में जाएगा।

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