यूक्रेन पर रूस के हमले का आज आठवाँ दिन है। कीएव पर रूस ने हमला और तेज़ कर दिया है। इस बीच यूक्रेन और रूस दोनों तरफ़ से अलग-अलग बयान और दावे भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में जानते हैं कि बीते कुछ घंटों में यूक्रेन संकट को लेकर क्या-क्या हुआ है?
राजधानी कीएव में पिछले कुछ घंटों में बड़े धमाके हुए हैं। बताया जा रहा है कि धमाकों की आवाज़ अंडरग्राउंड बंकर में भी सुनी जा सकती है। यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसन पर अब रूस का नियंत्रण हो गया है। शहर में नए नियम लागू कर दिए गए हैं। रूसी सैनिकों को उकसाने से या तेज़ कार चलाने से मना किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यूक्रेन पर हमले के कारण अब तक क़रीब 10 लाख लोग पलायन कर चुके हैं और इनमें से 5 लाख से ज़्यादा पोलैंड गए हैं। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों और मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों की जाँच की शुरुआत के आदेश दिए हैं। खारकीएव और मारियुपोल अभी भी यूक्रेन के ही नियंत्रण में हैं, लेकिन यहाँ पर भी भारी गोलीबारी की ख़बरें हैं।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर हो रही बयानबाजी पर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि परमाणु युद्ध के बारे में रूस ने सोचा भी नहीं है और ये पश्चिमी देशों के दिमाग की उपज है। लावरोफ़ का कहना है कि पश्चिमी देशों के नेता ही परमाणु युद्ध की बात करते हैं और ये उनके प्रोपेगैंडा का हिस्सा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ताज़ा वीडियो संदेश में रूस और रूस के सैनिकों को चेतावनी देते नज़र आए, साथ ही यूक्रेन की सेना और नागरिकों की तारीफ़ करते दिखे। ज़ेलेंस्की का कहना है कि संख्या में 10 गुना होने ज़्यादा होने के बावजूद रूसी सैनिकों का आत्मविश्वास टूटता जा रहा है और वो ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वापस जा रहे हैं।
उधर, यूक्रेन की सेना ने दावा किया है कि अभी तक रूस के साथ चल रहे संघर्ष में रूस के 9 हज़ार सैनिक मारे गए हैं। ऐसा ही दावा राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अपने संबोधन में भी किया है। फ्रांस की सरकार ने अपने नागरिकों को रूस छोड़ने के लिए कहा है। फ्रांस की तरफ़ से कहा गया है कि जिन नागरिकों की रूस में मौजूदगी ज़रूरी नहीं है, उन्हें रूस छोड़ देना चाहिए।
चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले पैरालंपिक 2022 में रूस और बेलारूस के खिलाड़ी भाग नहीं ले सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने एक बयान जारी करके इस बात की जानकरी दी। भारत में जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनर ने यूक्रेन में मानव ढाल के रूप में भारतीय छात्रों को बंधक बनाए जाने के रूस के दावे को सरकारी प्रोपेगैंडा कहा है।

More Stories
आरटीई के अंतर्गत चयनित स्कूलों में अब 25 अप्रैल तक अभिभावक विद्यार्थियों का करा सकेंगे एडमिशन
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय कार्यपरिषद सदस्य डॉ. कुशवाह ने जन्मदिवस के अवसर पर सबसे पहले स्व गणना पोर्टल पर स्व गणना की
किसानों को गेहूँ विक्रय के लिये 30 अप्रैल तक स्लॉट बुकिंग की सुविधा : मंत्री राजपूत