नई दिल्ली। 8 साल बाद एक बार फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को लेकर उपजे विवाद के चलते आखिरकार चुनाव आयोग ने इससे जुड़ी शंकाओं के निराकरण के लिए ईवीएम और वीवीपीएटी का डेमो दिया। इस मौके पर बोलते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि हालिया 5 राज्यों के चुनावों के बाद इस संबंध में कई शिकायतें एवं सुझाव मिले हैं लेकिन कमीशन को कोई सबूत नहीं दिया गया है। इस बारे में किसी ने भी कोई विश्वसनीय सबूत नहीं दिए।
इसके साथ ही सीईसी नसीम जैदी ने कहा कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है। इसके साथ ही आयोग ने साफ कहा कि उसकी किसी भी दल के साथ नजदीकी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रचारित किया जा रहा है कि ये ईवीएम विदेश से आ रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हमारी मशीनें देश में ही बनती हैं। इन मशीनों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसका डाटा ट्रांसफर नहीं हो सकता। इसके साथ ही सीईसी ने कहा कि शंकाओं के निराकरण के लिए 2019 के आम चुनावों से हर मतदाता को वीवीपीएटी उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसा करने वाला भारत पूरी दुनिया का अकेला मुल्क होगा।
चुनाव आयोग 3 जून से दलों को देगा ईवीएम से छेड़छाड़ करने का मौका

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