कोरोना काल में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला किया है। चुनाव आयोग ने यह तय किया है कि अब चुनाव में 65 वर्ष से ऊपर के लोग और कोविड पॉजिटिव लोग पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। आगामी बिहार विधानसभा के चुनाव और मध्य प्रदेश तथा गुजरात में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर यह घोषणा काफी अहम मानी जा रही है।
गौरतलब है कि मौजूदा व्यवस्था में सेना, अर्ध सैनिक बलों के जवानों और विदेशों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों व निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ही डाक मतपत्र से वोट देने का अधिकार दिया गया है। इससे पहले पोस्टल बैलेट का अधिकार 80 वर्ष तक के बुजुर्ग और दिव्यांगजनों को प्राप्त था।
पिछले साल 22 अक्टूबर को कानून मंत्रालय द्वारा अधिसूचना के अनुसार चुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए 80 साल के अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी गई थी, उस वक्त मंत्रालय ने मतपत्र से मताधिकार देने के लिए निर्वाचन संचालन नियम 1961 में संशोधन करते हुए इन्हें अनुपस्थित मतदाता की श्रेणी में शामिल किया था। इसका उद्देश्य ज्यादा उम्र या अन्य शारीरिक अक्षमता के कारण पोलिंग स्टेशनों तक पहुंचने में असर्मथ वोटरों की भी मतदान में भागीदारी सुनिश्चित हो। अब कोरोना को देखते हुए फिर बदलाव किए गए है।

More Stories
जबलपुर में सनसनीखेज वारदात, सिविल इंजीनियर को दिनदहाड़े मारी गोली, हालत गंभीर
मिर्जापुर में भीषण सड़क हादसा, ट्रक ने कई वाहनों को मारी टक्कर, लगी आग, 11 लोगों की जलकर मौत
वर्षा जल संरक्षण में प्रदेश का जनजातीय जिला डिंडोरी देश में प्रथम स्थान पर, खंडवा देश में दूसरे स्थान पर