तवांग में हुई हिंसक झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में अपना बयान दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि 9 दिसम्बर को यथास्थिति बदलने की कोशिश हुई थी। उन्होंने कहा कि हमारा कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ है और ना हमारा कोई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि चीन ने सीमा में घुसपैठ की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को पीछे खदेड़ने का काम किया। चीन के सैनिकों को पीछे जाना पड़ा। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई। रक्षा मंत्री ने कहा कि हम सेना के शौर्य का अभिनंदन करते हैं।
हाई लेवल मीटिंग
इससे पहले, मंगलवार सुबह आर्मी चीफ मनोज पांडे के साथ इमरजेंसी बैठक की। बैठक में तवांग हिंसक झड़प पर चर्चा की गई।रक्षा मंत्री के साथ बैठक में थलसेना अध्यक्ष मनोज पांड के साथ-साथ नेवी चीफ और इंडियन एयरफोर्स के चीफ भी मौजूद रहे। वहीं इस महत्वपूर्ण बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर और CDS मुकुंद नरवणे ने भी हिस्सा लिया।बैठक में सीमा पर भारत और चीन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गई।
विदित हो कि 9 दिसंबर 2022 को भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास एक स्थान पर झड़प हुई। इस हिंसद झड़प में दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए। भारतीय सेना ने सोमवार (12 दिसंबर) को यह जानकारी दी।भारतीय थलसेना ने एक बयान में कहा, “पीएलए (चीन की सेना) के सैनिकों के साथ तवांग सेक्टर में एलएसी पर नौ दिसंबर को झड़प हुई। हमारे सैनिकों ने चीनी सैनिकों का दृढ़ता से सामना किया। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ जवानों को मामूली चोटें आईं हैं।
चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच में हुई झड़प के बाद सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हो रही है और केंद्र सरकार को घेर रही है वही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई और संसद में बयान भी दिया है और सेना के शौर्य की प्रशंसा की।
