लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। गलवान घाटी के बाद चीनी सेना ने पैंगॉन्ग झील के इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सैटेलाइट इमेज में साफ दिख रहा है पैंगोंग लेक के पास चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है।
भारत की ओर से चीनी सेना को खाली करके पीछे जाने की बार-बार बात कही जा रही है, लेकिन चीनी सेना अपनी तैनाती बढ़ाती जा रही है। चिंता की बात ये है कि पैंगोंग लेक के पास मौजूदगी के साथ-साथ कुछ दूर पीछे चीन बैकअप भी तैयार कर रहा है।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ झील के पास चीन ने ही अपनी मौजूदगी को बढ़ाया है। भारत की सेना ने भी अपनी मौजूदगी को बढ़ाया है और मिरर तैनाती जैसी स्थिति बनाई हुई है। सैटेलाइट इमेज में भी भारतीय सेना के टैंट बड़ी संख्या में दिख सकते हैं।
सैटेलाइट इमेज में दिख रहा है कि पैंगोंग लेक इलाके में इस वक्त चीनी सेना मौजूद है। इलाके में चीनी सेना के टैंट, साजो-सामान, गाड़ियां मौजूद हैं। चीन ने एक रास्ता बना लिया है, जिसके जरिए वो आना-जाना कर रहे हैं।
चीन ने अलग-अलग हिस्सों में अपनी सेना को बिछाया हुआ है, जहां कुछ सैनिक पहाड़ियों पर हैं, जबकि कुछ गलवान नदी के पास मौजूद हैं। कुछ हिस्सों में चीनी सेना बड़ी मौजूदगी के साथ है।
चीन की ओर से पैंगोंग लेक के पास बोट तैनात की गई हैं। जो कि पैट्रोलिंग के काम आती है और काफी तेज रफ्तार वाली हैं। इन बोट के जरिए किसी भी भारी हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।
गलवान घाटी पर चीनी सेना की बढ़ती मौजूदगी की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें एक 27 मई की है और दूसरी 12 जून की है। इसमें अंतर साफ दिखता है कि चीन ने इस बीच में अपने सैनिकों की मौजूदगी बढ़ा ली है। उन्होंने कहा कि 6 जून की बैठक में तय हुआ था कि सेनाएं पीछे हटेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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