राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी का आज अनोखा अंदाज देखने को मिला। डॉ सुमेरसिंह सोलंकी आज मंगलवार को दीपावली पर दीए बनाने वाले कुम्हार समाज के घर पहुंचे और दिए बना रहे लोगो को हार पहनाकर उनका सम्मान किया। कुम्हार समाज के लोग बोले हम महोदय के आभारी जो इतना सम्मान आज दिया
राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी हमेशा कुछ अलग करने के लिए जाने जाने लगे हैं। विगत दिनों मोची भाईयो के पास पहुँच उनका सम्मान किया था तो आज फिर एक अलग अंदाज देखने को मिला। जहां सुमेरसिंह सोलंकी आज बड़वानी में दीपावली पर दीए बनाने वाले कुम्हार समाज के लोगों के घर पहुंचे और वहां पर हार फूल पहनाकर उनका सम्मान किया। सुमेरसिंह सोलंकी ने कहा कि समाज के लोग मिट्टी को सोना बनाते हैं यह इको फ्रेंडली है क्योंकि इनका बनाया क्योंकि इनके द्वारा बनाया गया मिट्टी का सामान खत्म होकर वापस मिट्टी में मिल जाता है।उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आह्वान कि इस दिवाली दिए इन लोगों से ही खरीदना है और बड़ी संख्या में खरीदना है ताकि हमारे कुम्हार समाज के गरीब तबके के लोग भी दिवाली बड़े अच्छे से मना पाए इसलिए मैं आज इन सबके बीच पहुंचा। वहीं राज्यसभा सांसद को अपने बीच में पाकर कुम्हार समाज के लोग बोले कि मैं सांसद महोदय का बहुत आभार प्रकट करता हूं क्योंकि आज तक ऐसा नहीं हुआ है जैसा महोदय ने आज किया है मैं इनका बहुत बड़ा आभारी हूं।
इस दौरान सुमेरसिंह सोलंकी ने दिए बनाने की प्रक्रिया को देखा और अपने हाथ से दिए भी बनाएं। साथ ही कुम्हार समाज के लोगो को स्वेच्छा निधि से मशीन दिलवाने के लिए नाम भी लिए साथ ही लोगो से अधिक से अधिक मिटटी दिए खरीदने की अपील की।
राज्यसभा सांसद ने दिए बनाकर देखें और समाजजनों की पीड़ा को भी समझा। सुमेरसिंह सोलंकी सभी से अपील कर रहे है कि इस दीपावली ज्यादा से ज्यादा इन्ही लोगो से मिट्टी के दिये खरीदे ताकि इनकीं भी दीपावली अच्छे से मने।
राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी ने सभी को हार पहनाकर श्रीफल के साथ श्रीमद भगवत गीता भेंट की।

More Stories
माता की घट स्थापना, समय और नौ दिनों में क्या है विशेष
तमिलनाडु मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल, सीएम के बेटे उदयनिधि स्टालिन को बनाया उपमुख्यमंत्री, आज होगा शपथग्रहण
एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी चुनाव के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी आम आदमी पार्टी, सीएम आतिशी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा