भारत मे कोरोना ने एक महामारी का रूप ले लिया है जिसके चलते केंद्र सरकार को कई कड़े कदम उठाने पड़ रहे है जिनमें सबसे बड़ा क़दम है 21 दिन के लॉकडाउन का, पर यह महामारी अभी भी थमने का नाम नही ले रही हैं जिससे आर्थिक स्थिति को बड़ा खतरा है और ऐसे में एक सवाल भी कि आख़िर कब तक चलेगा यह लॉकडाउन?
वैसे तो हाल ही में आये एक सरकारी जवाब में यह कहा गया है कि अभी लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की सरकार की कोई मंशा नही है पर अगर हम सरकार के दूसरे फैसलों को देखे, जैसे कि सभी बैंकों द्वारा EMI तथा भिन्न भिन्न प्रकार के कर्ज़ की किश्तों का तीन महीने आगें बढ़ाने का विकल्प, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को अगले तीन महीने तक मुफ़्त में गैस सिलेंडर देना, गरीब परिवारों को तीन महीने तक अतिरिक्त राशन प्रदान करने के कार्य किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, मनरेगा के मजदूरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, किसी भी बैंक खाते में न्यूनतम राशि ना रखने तथा डेबिट (एटीएम) कार्ड धारकों को 30 जून तक किसी भी बैंक के एटीएम से नकदी निकालने पर कोई अतिरिक्त शुल्क ना लगना, स्वास्थ्य कर्मियों एवं सफ़ाईकर्मियों का 50 लाख रुपये का बीमा तथा 2018-19 वित्तीय वर्ष का आयकर जमा करने की अंतिम तारीख 30 जून कर देना ये सभी बातें लॉकडाउन के और आगे तक बढ़ने का इशारा कर रही हैं।
सरकार की सभी व्यवस्थाएं यह दर्शाती नजर आ रही है कि अगर इन 21 दिनों के लॉकडाउन में स्थिति नही सुधरती है तो इस लॉकडाउन एक स्वास्थ्य आपातकाल में बदला जा सकता है। यदि यह 21 दिनों का लॉकडाउन जिला स्तर पर सुधार लाता है तो इसे उन जिलों से हटा दिया जाएगा, जहाँ इन दिनों के अंत में एक भी कोरोना संक्रमित ना रहें पर ऐसे में भी उन जिलों बाहरी संक्रमितों से बचाने के लिये उनकी सीमाएं भी सीलबंद कर दी जाएगी।
यदि वाकई अब लंबे लाकडाउन से सब बचना चाहते हैं तो उसका सीधा और सच्चा उपाय है घर में रहे, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें और स्वस्थ रहें। निरंतर निर्देशों का पालन करते रहे और कोरोनावायरस से बच रहे हैं। यूपी सरकार ने कल ही संकेत दिए थे कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन विभिन्न चरण बनाकर खोला जाएगा, लेकिन आज स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक कोरोना का एक भी मरीज है इस पर विचार विमर्श कर के ही कदम उठाए जाएंगे या यह कह लें कि एक भी व्यक्ति कोरोनावायरस से ग्रसित है तब तक लॉक डाउन तो मुश्किल ही खुल पाएगा।
सबसे बड़ी बात यह है कि लाॅकडाउन का असर सिर्फ आपकी दैनिक दिनचर्या पर नहीं पड़ रहा, इसका बहुत बड़ा असर शिक्षा, रोजगार और व्यापार पर पढ़ रहा है। जिसके नतीजे बहुत ही नकारात्मक भी देखने मिल सकते हैं। संभव यह भी है कि लाॅकडाउन खत्म होने के बाद कई लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। उसका कारण होगा वर्क फ्रॉम होम। व्यक्ति कम पैसे में अपने एंप्लॉय से वर्क फ्रॉम होम करवा कर अपना पैसा बचा सकता है और इसका प्रैक्टिकल करने के लिए उसके पास लगभग 1 महीने का समय भी मिल चुका है। ऐसे में कई लोगों की नौकरी जा भी सकती है।
-शुभम माहोर

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