April 18, 2026

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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, पार्टी दफ्तर के बाहर जुटे कार्यकर्ता, नेताओं ने बदले वयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद के सुर बदल गए। पहले राहुल के बीजेपी के साथ साठ गाठ वाले बयान पर दोनों नेता भडक गए थे। पहले कपिल सिब्बल ने ट्वीट डिलीट कर दिया और अब गुलाम नबी आजाद कहते है कि राहुल ने बीजेपी के साथ मिले होने की कोई बात ही नहीं कहीं। कांग्रेस के अंतर फिलहाल बहुत उठा पटक मची हुई है।

कांग्रेस की इस बैठक में सोनिया गांधी आगे कांग्रेस का नेतृत्व जारी रखेंगी या नहीं बल्कि गांधी परिवार से ही पार्टी के नेतृत्व के सवाल पर खुली चर्चा हो सकती है। सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को बता दिया है कि उन्होंने अंतरिम अध्यक्ष का 1 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। अब पार्टी के अध्यक्ष पद को छोड़ना चाहती हैं। कांग्रेस की ये बैठक सोनिया गांधी को करीब 2 हफ्ते पहले लिखी गई एक चिट्ठी की प्रतिक्रिया के तौर पर बुलाई गई है।

कम से कम 23 नेताओं जिनमें कांग्रेस के सदस्य, यूपीए सरकार में मंत्री रहे नेता और सांसदों ने सोनिया गांधी को संगठन के मसले पर चिट्ठी लिखी थी। चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि नेतृत्व ऐसा हो जो सक्रिय हो और जमीन पर काम करता दिखे।

चिट्ठी में कहा गया कि कांग्रेस का फिर उठ खड़ा होना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, इसमें बीजेपी के उभार और उसे युवाओं को मिले समर्थन का जिक्र है। चिट्ठी में कहा गया है कि ब्लॉक स्तर से लेकर कांग्रेस का चुनाव फिर से हो और प्रभावी सामूहिक जिम्मेदारी वाला सिस्टम बने।

चिट्ठी में कांग्रेस के कामकाज पर सवाल उठाए गए हैं। कहा गया है कि मुश्किल समय में काग्रेस पार्टी को गाइड नहीं कर सका। चिट्ठी पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ जितिन प्रसाद, मिलिंद देवड़ा और अरविंदर सिंह लवली जैसे युवाओं ने दस्तखत किए हैं। चिट्ठी मिलने के बाद सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद से फोन पर बात की है। कई कांग्रेस नेताओं का मानना है कि 2 हफ्ते पहले सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वाले कई नेता अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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