कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को गठगबंधन सरकार के महज 14 महीने पूरे होने के बाद ही गुरुवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव रखना पड़ा। सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों के एक वर्ग के बागी होने के बाद राज्य में सियासी संकट पैदा हो गया है। सत्तारूढ़ गठबंधन में संख्याबल कम होने पर कुमारस्वामी एक पंक्ति का प्रस्ताव लाये और उन्होंने कहा कि सदन ने उनके नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में विश्वास जताया। जैसे ही प्रस्ताव लाया गया विपक्षी भाजपा नेता बी एस येद्दियुरप्पा खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि विश्वास मत की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी होनी चाहिए। इस पर कुमारस्वामी ने येद्दियुरप्पा पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के नेता काफी जल्दबाजी में दिख रहे हैं। भाजपा इस बात को लेकर आशंकित है कि सत्तारूढ़ गठबंधन मतदान होने से पहले संख्याबल को मजबूत करने के अंतिम प्रयास में जितना संभव हो सके उतना समय बिताने के लिए बहस को लंबा खींचने की कोशिश करेगा। कुमारस्वामी ने जोर दिया कि कांग्रेस-जद एस गठबंधन के बारे में संशय पैदा किया गया है और इसे देश के सामने लाया जाना चाहिए।
कर्नाटक विधानसभा कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित

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