तमिलनाडु में पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत के बाद राजनीति में जो उफान आया था, उसमें सोमवार को बड़ा मोड़ आया। लंबी खींचतान रही और आखिरकार 6 महीने बाद ओ पलानीसामी और ओ पन्नीरसेल्वम एक मंच पर आ गए। मंच से दोनों ने विलय का ऐलान कर दिया।
चेन्नई में दोनों नेता एक साथ एक मंच पर आए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीसेल्वम ने नया नारा दिया और पार्टी की फूट को दूर कर दिया। पन्नीरसेल्वम ने एक मां, एक पार्टी, एक परिवार का नारा देते हुए एआईएडीएमके के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
जयललिता की मौत के बाद पार्टी महासचिव बनीं के शशिकला फिलहाल जेल में हैं। मगर दोनों गुटों के इस विलय के पीछे बीजेपी की रणनीति मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईपीएस और ओपीएस गुट को एक करने में बीजेपी नेतृत्व ने अहम भूमिका निभाई है।
हाल ही में दक्षिण के नेता वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली तो ई पलानीसामी और ओ पन्नीरसेल्वम दोनों को बुलाया गयां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों नेताओं से अलग-अलग मुलाकात भी की।
ओपीएस-ईपीएस का हुआ मर्जर, चर्चाओं का दौर जारी

More Stories
आबकारी इंदौर की अवैध मदिरा परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई, 55 हजार रुपये से अधिक कीमत की मदिरा और वाहन जप्त
अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने राज्य सरकार ने उठाये कदम, विशेषज्ञों ने संबद्ध अधिकारियों को दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण
आरटीई के अंतर्गत चयनित स्कूलों में अब 25 अप्रैल तक अभिभावक विद्यार्थियों का करा सकेंगे एडमिशन