April 19, 2026

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उठी महिलाओं को प्राथमिकता की आवाज, रेल मंत्री को लिखा खत

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने के लिए खत लिखा है। आयोग ने लोकल ट्रेनों के सभी सामान्य डिब्बों में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए 2 सीटों को आरक्षित करने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले राजथानी दिल्ली में भी केजरीवाल सरकार महिलाओं के लिए मेट्रो और सरकारी बसों में यात्रा मुफ्त कर चुकी हैं।
देश में मुंबई लोकल ट्रेनों की काफी चर्चा रहती है। खासकर उसमें रहने वाली भीड़ की। इसे कुछ ऐसे समझिए की एक बार आप ट्रेन में पहुंच गए तो आपका शरीर आपका नहीं रहता, वो तो भीड़ का हो जाता है। यह घटना हाल ही में उत्तरप्रदेश की है। बांदा निवासी रामप्रकाश अहिरवार परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी करता था। शुक्रवार रात वह अपनी बेटी सीता और अन्य बच्चों के साथ यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में बांदा से हज़रत निज़ामुद्दीन जा रहे था। ट्रेन में काफी भीड़ थी। वह बेटी और अन्य बच्चों के साथ किसी तरह जनरल कोच में सवार हो गए।
कोच में प्रवेश करने के बाद अचानक सीता की हालत बिगड़ने लगी। उसने कई बार पिता से भी उतरने को कहा, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। इस बीच बांदा से निकलने के बाद ट्रेन महोबा व मऊरानीपुर स्टेशन पर भी रुकी लेकिन भीड़ की वजह से उतर नहीं सके।
ट्रेन निवाड़ी व बरूआसागर स्टेशन के बीच अचानक दम घुटने से सीता बेहोश हो गई। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर कड़ी मशक्कत के बाद पिता ने उसे कोच से नीचे उतारकर रेलकर्मियों के सहयोग से डिप्टी एसएस को सूचना दी। खबर मिलते ही एंबुलेंस बुलाकर उपचार के लिए सीता को रेलवे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जिस प्रकार ट्रेनों में भीड़ है, उस हिसाब से तो जो महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल से महिलाओं के लिए मांग की है, वो काफी हद तक जरूरी है।

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