उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने में जुटी सरकार ने इस दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कालेजों की परीक्षा के पैटर्न को अब बदलने की तैयारी है। यूजीसी ने इसे लेकर पहल तेज की है। साथ ही देश भर के विवि के शिक्षकों, छात्रों, परीक्षा नियंत्रकों और शिक्षा क्षेत्र के जुड़े विशेषज्ञों से राय मांगी है। हालांकि विश्वविद्यालयों की परीक्षा में यह बदलाव कब से लागू होगा, इसे लेकर यूजीसी ने अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
यूजीसी ने उच्च शिक्षा के परीक्षा पैटर्न में बदलाव को लेकर यह कदम हाल ही में गुणवत्ता को सुधारने के लिए गठित कमेटी की सिफारिश के बाद उठाया है। कमेटी का मानना था कि गुणवत्ता सुधार के लिए पाठ्यक्त्रम के साथ पुराने हो चुके परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव की जरूरत है। इस दौरान कमेटी ने बदलाव के कुछ उपाय भी सुझाए थे। इसके तहत ग्रेडिंग और क्त्रेडिट ट्रांसफर जैसी प्रणाली को लाने की भी वकालत की थी। हालांकि यूजीसी ने ऐसे किसी भी बदलाव से पहले अलग-अलग मुद्दों को लेकर राय मांगी है। इनमें जिन विषयों पर फोकस किया गया है, उनमें परीक्षा के उद्देश्य, ऐसी परीक्षा प्रणाली जिसे भारत की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में आसानी से लागू किया जाए। साथ ही इसमें कौन-कौन सी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए बदलेगा परीक्षा का पैटर्न

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