कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में रहने वाले कृष्ण गोपाल दीक्षित पर ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप है। जनवरी में राजस्व विभाग की टीम ने कृष्ण गोपाल के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने का मामला दर्ज कराया था। इसी सिलसिले में एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीम वहां अतिक्रमण हटाने पहुंची थी।
टीम ने वहां पहुंचकर कृष्ण गोपाल की झोपड़ी पर बुलडोजर चलवा दिया। झोपड़ी पर बुलडोजर एक्शन के दौरान परिवार की प्रशासन से नोकझोंक हुई। इस दौरान झोपड़ी में आग लग गई और देखते ही देखते कृष्ण गोपाल की पत्नी प्रमिला दीक्षित और 23 साल की बेटी नेहा जिंदा जल गईं।
घटना के बाद ग्रामीण बुरी तरह से आक्रोशित हो गए। भीड़ ने मौके पर मौजूद प्रशासन की टीम को खदेड़ दिया। लेखपाल की गाड़ी पलट दी। तनाव बढ़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल के साथ PAC की टुकड़ी भी तैनात कर दी गई। मामला बढ़ता देख कानपुर के कमिश्नर, ADG और IG भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने ग्रामीणों को कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जिस समय झोपड़ी पर बुलडोजर चलाया गया,उस समय झोपड़ी के अंदर कृष्ण गोपाल की पत्नी और बेटी मौजूद थीं। जैसे ही बुलडोजर झोपड़ी पर चला, उसमें आग लग गई और दोनों महिलाएं जिंदा जल गईं। हालांकि, इस मामले पर पुलिस-प्रशासन ने भी सफाई दी है।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में अतिक्रमण हटाने के दौरान झोपडी में मां-बेटी की जलकर हुई मौत के मामले में पीड़ित परिवार धरने पर बैठ गया है। परिजनों ने मौके से शवों को उठाने से मना कर दिया है। परिवार की मांग है कि जब तक मुख्यमंत्री या डिप्टी सीएम नही आएंगे, तक हम शव नहीं उठाएंगे।इसके साथ ही बुलडोजर चलाने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के संबंध में कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। टीम की कार्रवाई शुरू होने के बाद महिला और उसकी बेटी ने खुद को झोपड़ी में बंद कर लिया और आग लगा ली। दोनों की मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है। पूछताछ भी जारी है।जो भी आरोपी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिन अफसरों के खिलाफ FIR हुई है, उनमें SDM मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, रूरा SHO दिनेश कुमार गौतम, लेखपाल अशोक सिंह, JCB ड्राइवर दीपक, मड़ौली गांव के निवासी अशोक, अनिल, निर्मल और विशाल का नाम शामिल है। इसके अलावा 10 से 12 अज्ञात सहयोगियों, 3 लेखपाल और 12 से 15 महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
सभी पर हत्या (302) और हत्या की कोशिश (307) सहित कुल 6 धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि कृष्ण गोपाल दीक्षित की झोपड़ी पर एक महीने पहले भी बुलडोजर एक्शन लिया गया था। तब परिवार रात के समय जिलाधिकारी नेहा जैन के कार्यालय पहुंचा था।

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